
Inverter Maintenance Tips: बारिश शुरू होते ही कई घरों में एक परेशानी अक्सर देखने को मिलती है। बिजली जाते ही इन्वर्टर ऑन तो होता है, लेकिन कुछ ही देर में ट्रिप कर जाता है या बार-बार बीप देने लगता है। लोग समझते हैं कि बैटरी खराब हो गई है, जबकि कई मामलों में वजह सिर्फ एक छोटी-सी गड़बड़ी होती है। अगर आपका इन्वर्टर भी इस बारिश में बार-बार ट्रिप कर रहा है या ओवरलोड दिखा रहा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके लिए किसी मैकेनिक को बुलाकर पैसे खर्च करने या नया इन्वर्टर लेने की भी जरूरत नहीं है। इस गड़बड़ी को आप खुद ही सिर्फ 2 मिनट में ठीक कर सकते हैं। आइए जानते हैं वो कौन-सी गड़बड़ी है और उसे कैसे ठीक करना है...
बारिश के दिनों में हवा में उमस (Humidity or Moisture) बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। इस नमी के कारण इन्वर्टर की बैटरी के खूंटों (Terminals) पर एक नीले या सफेद रंग की परत जम जाती है, जिसे हम 'कार्बन जमना' या 'सल्फेशन' कहते हैं। जब यह कार्बन बहुत ज्यादा जमा हो जाता है, तो बैटरी से इन्वर्टर तक करंट की सप्लाई ठीक से नहीं पहुंच पाती है। जिसकी वजह से जैसे ही लाइट जाती है, इन्वर्टर लोड नहीं उठा पाता और 'लो बैटरी' या 'ओवरलोड' दिखाकर तुरंत ट्रिप हो जाता है।
1. इन्वर्टर को बंद करें
कोई भी काम शुरू करने से पहले इन्वर्टर का मेन स्विच (Power Plug) बोर्ड से निकाल दें और इन्वर्टर के आगे लगे पावर बटन को भी ऑफ कर दें।
2. गर्म पानी से कार्बन साफ करें
एक कप में थोड़ा-सा गुनगुना पानी लें। अब एक पुराना टूथब्रश लें और उसे पानी में डुबोकर बैटरी के दोनों टर्मिनल्स पर जमे सफेद-नीले कार्बन को रगड़कर साफ कर लें। गर्म पानी डालते ही कार्बन तुरंत पिघलकर साफ हो जाएगा। ध्यान रहे कि पानी सिर्फ टर्मिनल्स पर डालें, इन्वर्टर मशीन पर नहीं।
3. सूखे कपड़े से पोंछकर पेट्रोलियम जेली लगाएं
टर्मिनल्स साफ होने के बाद उन्हें किसी सूखे सूती कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें, ताकि नमी न रहे। अब दोबारा कार्बन न जमे, इसके लिए उन खूंटों पर थोड़ा सा वैसलीन (Petroleum Jelly) या ग्रीस लगा दें। इतना करते ही आपकी बैटरी और इन्वर्टर का कनेक्शन एकदम नए जैसा मजबूत हो जाएगा और ट्रिप होने की समस्या तुरंत दूर हो जाएगी। अब आप वापस प्लग लगाकर इन्वर्टर चालू कर सकते हैं।
डिस्टिल्ड वॉटर चेक करें
गर्मी के बाद अक्सर बैटरी का पानी कम हो जाता है। अगर वाटर लेवल इंडिकेटर (हरे-लाल तैरते हुए इंडिकेटर) नीचे चले गए हैं, तो तुरंत उसमें इन्वर्टर वाला पानी (Distilled Water) टॉप-अप करें। नल का पानी या फिल्टर का पानी भूलकर भी न डालें।
प्लग सॉकेट की नमी सुखाएं
जिस सॉकेट में इन्वर्टर का मेन प्लग लगा है, कई बार बारिश की वजह से दीवार में सीलन आने से उस सॉकेट में भी नमी आ जाती है, जिससे स्पार्किंग होने लगती है। प्लग को निकालकर एक बार सूखे कपड़े से साफ करके दोबारा लगाएं।
मानसून यानी बारिश के दौरान घर में फ्रिज, गीजर या वॉटर हीटर जैसे भारी उपकरण इन्वर्टर पर चलाने की गलती न करें। इस मौसम में अक्सर वोल्टेज ऊपर-नीचे होता रहता है, जिससे इन्वर्टर के फ्यूज उड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
FAQ
1. बारिश में इन्वर्टर बार-बार ट्रिप क्यों करता है?
नमी, ढीला कनेक्शन, बैटरी टर्मिनल पर जंग या ओवरलोड इसकी आम वजहें हो सकती हैं।
2. क्या हर बार ट्रिप होने का मतलब बैटरी खराब है?
नहीं। कई बार सिर्फ कनेक्शन या रखरखाव की कमी से भी यह समस्या होती है।
3. क्या बारिश में इन्वर्टर को बंद रखना चाहिए?
नहीं। बस इसे सूखी और हवादार जगह पर रखें और पानी से बचाएं।
4. इन्वर्टर की सर्विस कितने समय में करानी चाहिए?
आमतौर पर हर 6 से 12 महीने में एक बार सर्विस कराना अच्छा माना जाता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य घरेलू उपायों और इंटरनेट पर उपलब्ध तकनीकी तथ्यों पर आधारित है। हर घर में इन्वर्टर और बैटरी का मॉडल, कंपनी और उसकी कंडीशन अलग-अलग हो सकती है। बिजली या इन्वर्टर से जुड़ा कोई भी काम करते समय सावधानी बरतें और मेन स्विच को बंद करना न भूलें। अगर समस्या गंभीर है या इन उपायों से ठीक नहीं होती, तो किसी सर्टिफाइड इलेक्ट्रिशियन या कंपनी के सर्विस सेंटर से ही संपर्क करें।
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