
टोक्यो: जापान से एक हैरान करने वाली खबर आई है। यहां पुलिस ने एक 15 साल के लड़के को एक बड़े साइबर हमले के आरोप में गिरफ्तार किया है। लड़के पर आरोप है कि उसने AI प्लेटफॉर्म चैटजीपीटी (ChatGPT) का इस्तेमाल करके मशहूर ओटीटी प्लेटफॉर्म 'बंदाई चैनल' (Bandai Channel) को निशाना बनाया। यह जापान का एक मशहूर एनीमेशन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है।
इस हाई स्कूल स्टूडेंट ने हैकिंग करके 46,000 से ज़्यादा सब्सक्राइबर्स के अकाउंट डिलीट कर दिए। टोक्यो पुलिस ने उस पर कंपनी के काम में रुकावट डालने का केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि लड़का नौवीं क्लास से ही खुद प्रोग्रामिंग सीख रहा था।
यह घटना पिछले साल नवंबर की है। लड़के ने 'बंदाई चैनल' के सर्वर में एक सुरक्षा खामी यानी लूपहोल का पता लगाया। इसके बाद, उसने साइबर हमले के लिए जरूरी कोड तैयार करने में चैटजीपीटी की मदद ली। चैटजीपीटी से मिले खास प्रोग्राम का इस्तेमाल करके उसने सर्वर में घुसपैठ की और एक के बाद एक 46,812 सब्सक्राइबर्स के अकाउंट कैंसिल कर दिए। सर्वर उसे ब्लॉक न कर पाए, इसके लिए उसने 30 से ज़्यादा बार अपना आईपी एड्रेस भी बदला।
इस साइबर हमले की वजह से कंपनी को एक महीने से ज़्यादा समय तक अपनी ओटीटी स्ट्रीमिंग सर्विस पूरी तरह बंद करनी पड़ी। शक है कि इस दौरान करीब 13।6 लाख ग्राहकों की पर्सनल जानकारी (जैसे ईमेल एड्रेस और निकनेम) लीक हो गई। हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड या बैंकिंग से जुड़ी कोई भी जानकारी लीक नहीं हुई है।
गिरफ्तारी के बाद लड़के ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि बंदाई कंपनी से उसकी कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी। डेटा ट्रैफिक चेक करते समय उसे सर्वर में एक खामी दिखी और वह बस यह टेस्ट करना चाहता था कि क्या वह इसका फायदा उठा सकता है। यह घटना इस बात की चिंता बढ़ाती है कि कैसे दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल साइबर क्राइम के लिए किया जा सकता है।
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