
नई दिल्ली: दूरसंचार विभाग ने भारती एयरटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने की मंजूरी दे दी है। कंपनी ने मंगलवार को इस बारे में शेयर बाजार को जानकारी दी।
भारती एयरटेल को रिजर्व बैंक से भी कंपनी में विदेशी निवेशकों को 74 प्रतिशत तक हिस्सेदारी रखने की अनुमति है। शेयर बाजार को दी गयी सूचना के अनुसार, ''भारती एयरटेल लिमिटेड को दूरसंचार विभाग से 20 जनवरी 2020 को विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाकर कंपनी की चुकता पूंजी के 100 प्रतिशत तक करने की मंजूरी मिल गयी है।''
कुछ दिन पहले ही कंपनी ने वैधनिक बकाये के रूप में करीब 35,586 करोड़ रुपये का भुगतान किया। इसमें 21,682 करोड़ रुपये लाइसेंस शुल्क और 13,904.01 करोड़ रुपये स्पेक्ट्रम बकाया है। इसमें टेलीनॉर और टाटा टेली के बकाये शामिल नहीं हैं।
मित्तल की करीब 52 फीसदी हिस्सेदारी
अभी भारती एयरटेल में इसके प्रमोटर सुनील भारती मित्तल और उनके परिवार की करीब 52 फीसदी हिस्सेदारी है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक एफडीआई आने के बाद कंपनी में विदेशी हिस्सा 50 फीसदी से ज्यादा हो सकता है। यानी उस पर विदेशी निवेशकों का प्रभुत्व हो जाएगा और नियम के मुताबिक कंपनी को विदेशी कंपनी मान लिया जाएगा।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
(फाइल फोटो)
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