
PM WANI WiFi Scheme: आज के दौर में इंटरनेट सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। रेलवे स्टेशन पर टिकट चेक करना हो, बस स्टैंड पर ऑनलाइन पेमेंट करनी हो या सफर के दौरान वीडियो कॉल और मैप इस्तेमाल करना हो, हर काम इंटरनेट पर निर्भर हो गया है। ऐसे में अगर पब्लिक Wi-Fi बिना झंझट और तेजी से मिल जाए, तो यह लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने PM-WANI पब्लिक Wi-Fi योजना में बड़े बदलाव किए हैं।
दूरसंचार विभाग यानी DoT की ओर से किए गए नए अपडेट्स के बाद अब देशभर में पब्लिक Wi-Fi इस्तेमाल करना पहले से ज्यादा आसान, तेज और सुरक्षित होने जा रहा है। सरकार का दावा है कि इन बदलावों से खासतौर पर छात्रों, यात्रियों और छोटे व्यापारियों को बड़ा फायदा मिलेगा।
यह भी पढ़ें: कर्नाटक में CM बदलने की अटकलों पर कांग्रेस ने तोड़ी चुप्पी, दिल्ली बैठक के बाद आया बड़ा बयान
अब तक पब्लिक Wi-Fi इस्तेमाल करने के लिए कई बार मोबाइल नंबर डालना, ओटीपी वेरिफिकेशन करना और अलग-अलग लॉगिन स्टेप पूरे करने पड़ते थे। लेकिन नए नियम लागू होने के बाद यह प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। नई व्यवस्था के तहत यूजर्स सिर्फ QR कोड स्कैन करके सीधे Wi-Fi नेटवर्क से कनेक्ट हो सकेंगे। यानी कुछ ही सेकंड में इंटरनेट चालू हो जाएगा। सरकार का कहना है कि यह तरीका न सिर्फ तेज होगा बल्कि साइबर सुरक्षा के लिहाज से भी ज्यादा सुरक्षित माना जा रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक QR आधारित लॉगिन सिस्टम से फर्जी नेटवर्क और डेटा चोरी जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
सरकार की योजना का सबसे बड़ा असर उन जगहों पर देखने को मिलेगा जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल, एयरपोर्ट, मॉल और अन्य पब्लिक जगहों पर अब इंटरनेट एक्सेस पहले से ज्यादा आसान होगा। सफर के दौरान कई लोग थोड़े समय के लिए इंटरनेट इस्तेमाल करना चाहते हैं, लेकिन लंबी प्रक्रिया और महंगे डेटा प्लान की वजह से परेशानी होती है। नई व्यवस्था ऐसे लोगों के लिए राहत लेकर आई है।
PM-WANI योजना के तहत सरकार ने छोटे वैलिडिटी वाले नए इंटरनेट प्लान भी शुरू किए हैं। इन्हें “सैशे-स्टाइल प्लान” कहा जा रहा है। इनकी वैलिडिटी 15 मिनट, 30 मिनट और 60 मिनट की होगी। इन प्लान्स को खासतौर पर ट्रांजिट हब्स और सार्वजनिक स्थानों के लिए डिजाइन किया गया है। यानी अगर किसी यात्री को सिर्फ थोड़ी देर के लिए इंटरनेट चाहिए, तो उसे पूरे दिन का महंगा पैक लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार का मानना है कि इससे डिजिटल सेवाओं तक ज्यादा लोगों की पहुंच बढ़ेगी और छोटे खर्च में इंटरनेट उपलब्ध हो सकेगा।
पब्लिक Wi-Fi इस्तेमाल करते समय सबसे बड़ा खतरा फर्जी नेटवर्क और साइबर फ्रॉड का होता है। कई बार लोग असली नेटवर्क समझकर नकली Wi-Fi से जुड़ जाते हैं, जिससे उनका डेटा और निजी जानकारी खतरे में पड़ सकती है। इसी समस्या से निपटने के लिए सरकार ने नया नियम लागू किया है। अब सभी ऑफिशियल पब्लिक Wi-Fi हॉटस्पॉट के नाम में “PMWANI” ब्रांडिंग अनिवार्य होगी। इससे यूजर्स आसानी से पहचान सकेंगे कि कौन-सा नेटवर्क सरकारी और सुरक्षित है। तकनीकी एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह कदम साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दूरसंचार विभाग ने PM-WANI से जुड़े सभी ऑपरेटर्स को नए दिशा-निर्देश लागू करने के लिए आठ हफ्तों का समय दिया है। उम्मीद की जा रही है कि जुलाई 2026 तक देशभर में यह नई हाई-टेक व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी।
सरकार का लक्ष्य है कि डिजिटल इंडिया अभियान के तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सस्ता और सुरक्षित इंटरनेट पहुंचाया जाए। खासतौर पर उन इलाकों और वर्गों को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है, जहां मोबाइल डेटा महंगा या सीमित साबित होता है।
PM-WANI योजना में किए गए ये बदलाव देश में डिजिटल कनेक्टिविटी को नई दिशा दे सकते हैं। आसान लॉगिन, कम समय वाले सस्ते प्लान और सुरक्षित नेटवर्क की पहचान जैसी सुविधाएं आम लोगों के इंटरनेट अनुभव को बेहतर बना सकती हैं। आने वाले समय में यदि यह व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो रेलवे स्टेशन से लेकर छोटे कस्बों तक लाखों लोग बिना परेशानी के पब्लिक इंटरनेट सेवा का लाभ उठा सकेंगे।
यह भी पढ़ें: आखिर किन देशों में फंसा है ईरान का 120 अरब डॉलर? सामने आई गई पूरी लिस्ट
नई तकनीक, AI अपडेट्स, साइबर सुरक्षा, स्मार्टफोन लॉन्च और डिजिटल नवाचारों की आसान और स्पष्ट रिपोर्टिंग पाएं। ट्रेंडिंग इंटरनेट टूल्स, ऐप फीचर्स और गैजेट रिव्यू समझने के लिए Technology News in Hindi सेक्शन पढ़ें। टेक दुनिया की हर बड़ी खबर तेज़ और सही — केवल Asianet News Hindi पर।