
How to Reduce Smart Meter Reading: 'भाई साहब, इस बार तो बिजली का बिल देखकर करंट लग गया! घर में सिर्फ एक AC चलाया था और स्मार्ट मीटर ऐसे भाग रहा है जैसे बुलेट ट्रेन!' अगर आपके घर में भी नया स्मार्ट मीटर लगा है, तो आजकल आपके मन में भी यह ख्याल जरूर आ रहा होगा। उत्तर भारत में पारा 45 डिग्री से लेकर 48 डिग्री के पार पहुंच चुका है। दिल्ली, यूपी, बिहार से लेकर एमपी तक, ज्यादातर घरों की यही कहानी है। लोगों को लग रहा है कि धूप और गर्मी की वजह से स्मार्ट मीटर कुछ ज्यादा ही तेज दौड़ने लगे हैं। तो क्या वाकई तेज धूप से स्मार्ट मीटर में कोई खराबी आ जाती है? या फिर हमारी ही कुछ गलतियों की वजह से बिल आसमान छू रहा है? आइए समझते हैं इसके पीछे का पूरा गणित और जानते हैं वो सॉलिड ट्रिक्स, जिससे आपका बिजली बिल सीधे 30% तक कम हो सकता है...
सोशल मीडिया पर आजकल एक अफवाह बड़ी तेजी से फैल रही है कि बाहर तापमान जब 45 डिग्री पार होता है, तो खंभों या दीवारों पर लगे स्मार्ट मीटर गर्म होकर तेज रीडिंग दिखाने लगते हैं, लेकिन असली सच कुछ और है। मौसम वैज्ञानिकों और बिजली एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्मार्ट मीटर धूप से गर्म होकर तेज नहीं भागते. दरअसल, जब बाहर भयंकर लू चल रही होती है, तो हमारे घरों के वोल्टेज में बार-बार उतार-चढ़ाव (Fluctuation) होता है। जब वोल्टेज लो होता है, तो घर में चल रहे अप्लाइंस (जैसे फ्रिज और एसी) को काम करने के लिए ज्यादा करंट खींचना पड़ता है। इसी वजह से मीटर का 'पल्स रेट' (वह लाल बत्ती जो लपक-लपक कर जलती है) बढ़ जाता है। यानी मीटर गलत नहीं चल रहा, आपके गैजेट्स इस मौसम में बिजली ज्यादा चूस रहे हैं!
AC का '24 से 26' वाला फॉर्मूला
ज्यादातर लोग बाहर से आते ही एसी को 16 या 18 डिग्री पर सेट कर देते हैं। उन्हें लगता है इससे कमरा जल्दी ठंडा होगा। यह बिल्कुल गलत है! कंप्रेसर उतनी ही स्पीड से काम करता है, बस वो 16 डिग्री तक पहुंचने के चक्कर में नॉन-स्टॉप चलता रहता है और स्मार्ट मीटर को भगाता है। एसी को हमेशा 24 या 26 डिग्री पर चलाएं। साथ में सीलिंग फैन को 2 या 3 नंबर की स्पीड पर रखें। इससे कमरे में ठंडी हवा चारों तरफ फैलेगी और कंप्रेसर बार-बार कट-ऑफ लेगा, जिससे बिजली सीधे आधी बचेगी।
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच 'हैवी लोड' को कहें बाय-बाय
दिन के इस हिस्से में सूरज सबसे ज्यादा आग उगलता है और ग्रिड पर लोड सबसे ज्यादा होता है। जब तक बहुत जरूरी न हो, दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच वॉशिंग मशीन, पानी की मोटर (गीजर) या ओवन जैसी भारी चीजें न चलाएं। स्मार्ट मीटर ऐप में इस दौरान का लोड सबसे महंगा दर्ज हो सकता है।
स्मार्ट मीटर ऐप डाउनलोड करें और 'kW' चेक करें
पुराने मीटर में आपको महीने के आखिर में पता चलता था कि कितना बिल आया। स्मार्ट मीटर की सबसे अच्छी बात यह है कि इसका एक ऑफिशियल ऐप होता है (जैसे यूपी में बिहार में या दिल्ली में कंपनियों के अपने ऐप्स हैं)। ऐप में जाकर अपना डेली का 'kW' (किलोवाट लोड) चेक करें। अगर आपके घर का कनेक्शन 2 किलोवाट का है और दोपहर में आपका लोड 3 किलोवाट जा रहा है, तो समझ लीजिए कि आपको पेनाल्टी (जुर्माना) भी लग रहा है। लोड को कनेक्शन के दायरे में ही रखें।
फ्रिज की दीवार से दूरी तय करेगी बिल
गर्मी के दिनों में फ्रिज के पीछे लगा कंप्रेसर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है। अगर आपने फ्रिज को दीवार से बिल्कुल सटाकर रखा है, तो उसे ठंडी हवा नहीं मिल पाती और वो दोगुना लोड लेने लगता है। फ्रिज को दीवार से कम से कम 6 से 10 इंच दूर रखें। साथ ही, इसके थर्मोस्टेट को मीडियम पर सेट करें, बिल्कुल फुल पर न रखें।
फैंटम लोड यानी सूखी बिजली की चोरी रोकें
हम अक्सर टीवी रिमोट से बंद कर देते हैं, मोबाइल चार्ज होने के बाद भी चार्जर का स्विच ऑन छोड़ देते हैं। स्मार्ट मीटर इतने चालू होते हैं कि वो इस 'साइलेंट बिजली' को भी पकड़ लेते हैं और रीडिंग में जोड़ते रहते हैं। इसलिए इस्तेमाल न होने पर प्लग से सीधे स्विच बंद करने की आदत डालें।
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