
बिजनेस डेस्क. गूगल ने हाल ही में एंड्रॉइड यूजर्स के लिए नया फीचर पेश किया है। इस फीचर में का नाम थेफ्ट डिटेक्शन है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से काम करता है। इसकी खासियत ये है कि इस फोन को चोरी करने के बाद चोर फोन का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। क्योंकि यह फोन फर्स्ट यूजर के बिना फोन अनलॉक नहीं कर पाएगा।
ब्राजील में हो रही फीचर की टेस्टिंग
गूगल ने इस फीचर को ब्राजील में टेस्टिंग के लिए रोलआउट कर दिया है। यह फीचर फोन के चोरी होने पर उसे लॉक कर देगा। ऐसे में फोन का कोई डेटा, फोटो, बैंकिंग ऐप आदि इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। यह एंटी-थेप्ट फीचर फोन चोरी होने के बाद भी डेटा प्रोटेक्ट करेगा। यूजर्स से फीडबैक लेने के बाद इसे दूसरे देशों में भी जारी किया जाएगा।
जानें कैसे काम करेगा ये फीचर
गूगल ने इस फीचर को डेवलपर्स कांफ्रेंस में पेश किया था। यह एंटी थेप्ट फीचर तीन तरह से चोरी हुए डिवाइस को लॉक करने में मदद करेगा। गूगल AI का इस्तेमाल कर पता लगाएगा कि मोबाइल हैंडसेट चोर के पास है या फिर असली मालिक के पास है। इसके लिए एआई डिवाइस मूवमेंट और डिटेक्ट करेगा। और फिर फोन के चोरी की आशंका होने पर इस लॉक किया जाएगा।
वहीं, इसके इस्तेमाल दूसरा तरीका भी है। इसमें यूजर अपने स्मार्टफोन का स्क्रीन रिमोटली लॉक कर सकेंगे। फोन को लॉक करने के लिए दूसरे फोन का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रोसेस फॉलो करने के बाद यूजर अपने चोरी हुए फोन को लॉक कर सकेंगे। इसमें अगर लंबे समय तक इंटरनेट कनेक्ट नहीं करेंगे, तो वह ऑटोमेटिक लॉक हो जाएगा।
फोन चोरी करके पछताएगा चोर
जिस फोन में यह फीचर होगा, चोर उसे चुराकर पछताएगा। क्योंकि चोरी किए गए फोन को बेचना भी मुश्किल होगा। इसके लिए उसके असली मालिक की क्रेडेंशियल की जरूरत होगी। फोन को फैक्ट्री रिसेट करने के लिए भी डिवाइस को अनलॉक करना होगा।
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