Infosys Layoff: इंफोसिस ने 700 फ्रेशर्स को नौकरी से निकाला, बाउंसर लगा लिया साइन

Published : Feb 07, 2025, 09:51 PM IST
Infosys

सार

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंफोसिस (Infosys) कुछ महीने पहले ही बड़े पैमाने पर नौकरियां देकर सुर्खियां बटोरी, अब 700 फ्रेशर्स को निकाल कर विवादों में है। जानिए पूरा मामला

Infosys Layoff: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंफोसिस (Infosys) ने अपने मैसूरु कैंपस से करीब 700 फ्रेशर्स (Freshers) को नौकरी से निकाल दिया है। आईटी कर्मचारियों की यूनियन नासेंट इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज सीनेट (NITES) ने शुक्रवार को इस छंटनी (Layoff) को अनैतिक करार दिया। यूनियन ने बताया कि नए कर्मचारियों को कुछ महीने के भीतर ही कंपनी ने बाहर कर दिया। यही नहीं, इनको गोपनीय बांड भरवाए गए और बाउंसर्स लगाया गया ताकि कोई सवाल न कर सके। इंफोसिस, देश के दिग्गज बिजनेसमैन एनआर नारायणमूर्ति की कंपनी है। उनकी पत्नी सुधामूर्ति राज्यसभा सांसद हैं।

Infosys कर्मचारियों से जबरन समझौता पर सिग्नेचर

NITES ने आरोप लगाया कि इंफोसिस (Infosys) ने निकाले गए फ्रेशर्स से गोपनीयता समझौते (Confidentiality Agreement) पर हस्ताक्षर करवाए हैं जिससे वे इस छंटनी के बारे में खुलकर बात न कर सकें।

यूनियन के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह सलूजा (Harpreet Singh Saluja) ने कहा: इंफोसिस ने 700 से अधिक कैंपस रिक्रूट्स (Campus Recruits) को जबरन निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह बेहद चौंकाने वाला और अनैतिक कदम है। इंफोसिस (Infosys) ने कर्मचारियों को डराने के लिए बाउंसर (Bouncers) और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया था ताकि कर्मचारी मोबाइल फोन का उपयोग न कर सकें और न ही घटना को रिकॉर्ड कर सकें।

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इंफोसिस ने छंटनी पर क्या कहा?

इंफोसिस (Infosys) ने इस कदम को सही ठहराते हुए कहा कि जिन फ्रेशर्स को निकाला गया, वे कंपनी के इंटरनल टेस्ट (Internal Test) को पास नहीं कर सके थे। कंपनी के बयान में कहा गया: सभी फ्रेशर्स को असेसमेंट पास करने के तीन मौके दिए जाते हैं। यदि वे इन टेस्ट्स को क्लियर नहीं करते हैं तो वे कंपनी में जारी नहीं रह सकते। यह प्रक्रिया पिछले दो दशकों से लागू है और यह उनके कॉन्ट्रैक्ट में भी स्पष्ट रूप से लिखा गया है। कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि इस तरह के मानकों का पालन जरूरी है, ताकि केवल योग्य और सक्षम कर्मचारियों को ही कंपनी में बनाए रखा जाए।

सरकार से शिकायत, श्रम मंत्रालय करेगा दखल?

NITES ने इस छंटनी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (Ministry of Labour and Employment) में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की है। हरप्रीत सिंह सलूजा ने कहा: इंफोसिस का यह रवैया कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान पर सीधा हमला है। हम सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने और इस कॉर्पोरेट शोषण (Corporate Exploitation) को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं।

इस छंटनी को लेकर सोशल मीडिया पर भी विरोध हो रहा है। #InfosysLayoffs, #FreshersRights, #ITJobCrisis जैसे ट्रेंड्स चर्चा में हैं।

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