
यूट्यूब ने बच्चों और किशोरों के लिए अपने प्लेटफॉर्म को ज्यादा सुरक्षित और माता-पिता के लिए आसान बनाने के लिए बड़े बदलावों की घोषणा की है। इसमें सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब माता-पिता यह तय कर सकेंगे कि उनका बच्चा कितनी देर तक यूट्यूब शॉर्ट्स वीडियो देख सकता है। इन बदलावों में किशोरों के लिए बेहतर कंटेंट को बढ़ावा देना भी शामिल है। साथ ही, परिवारों के लिए अकाउंट मैनेजमेंट को आसान बनाने के लिए यूट्यूब जल्द ही एक नया साइन-अप सिस्टम भी लाएगा। आइए इन नए बदलावों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
अब माता-पिता यह तय कर सकेंगे कि बच्चे और किशोर कितनी देर तक यूट्यूब शॉर्ट्स वीडियो देखेंगे। इसके लिए शॉर्ट्स स्क्रॉल करने का समय सेट किया जा सकता है। अगर माता-पिता चाहें तो इस टाइमर को पूरी तरह से ज़ीरो पर भी सेट कर सकते हैं। इसका मतलब है कि अगर बच्चा पढ़ाई कर रहा है या उसे होमवर्क पर ध्यान देना है, तो शॉर्ट्स वीडियो को पूरी तरह से बंद किया जा सकता है। वहीं, अगर परिवार कार में कहीं जा रहा है, तो यूट्यूब पर वीडियो देखने का समय 30 या 60 मिनट के लिए तय किया जा सकता है। यूट्यूब का कहना है कि ऐसा फीचर पहली बार लाया गया है। यह माता-पिता को अपने बच्चों के शॉर्ट्स कंटेंट पर पूरा कंट्रोल देता है। इसके अलावा, माता-पिता अपनी जरूरत के हिसाब से सोने के समय और ब्रेक के लिए रिमाइंडर भी सेट कर सकते हैं।
एक और बड़ा बदलाव किशोरों के लिए बेहतर और सार्थक कंटेंट को बढ़ावा देने से जुड़ा है। इसका मकसद यह पक्का करना है कि किशोर न केवल मजेदार, बल्कि अपनी उम्र के हिसाब से सही और ज्ञान बढ़ाने वाला कंटेंट देखें। यह गाइडलाइन प्रोफेशनल्स, यूनिवर्सिटी प्रोफेसरों और मनोवैज्ञानिक संगठनों के साथ मिलकर तैयार की गई है। इसके तहत, किशोरों को क्रैश कोर्स और एजुकेशनल कंटेंट ज्यादा दिखाया जाएगा। इसके साथ ही, यूट्यूब अपने रिकमेंडेशन सिस्टम में भी बदलाव करेगा, ताकि खराब क्वालिटी या ध्यान भटकाने वाले वीडियो के बजाय पॉजिटिव और जानकारी देने वाला कंटेंट दिखाया जाए।
एक और अहम बदलाव परिवारों के लिए अकाउंट मैनेजमेंट को आसान बनाना है। इसके लिए, यूट्यूब जल्द ही एक नया साइन-अप सिस्टम लाएगा, जिससे माता-पिता आसानी से अपने बच्चों के लिए नए अकाउंट बना सकेंगे। इसके अलावा, मोबाइल ऐप में कुछ ही टैप से बच्चों के अकाउंट, किशोरों के अकाउंट और माता-पिता के अकाउंट के बीच स्विच करने की सुविधा मिलेगी। इससे यह पक्का होगा कि घर में जो कोई भी यूट्यूब देख रहा है, उसे अपनी उम्र के हिसाब से सही कंटेंट और सेटिंग्स मिलें। यह फीचर माता-पिता को बार-बार सेटिंग्स बदलने की परेशानी से बचाएगा। साथ ही, यह साफ-साफ दिखाएगा कि किसी भी समय यूट्यूब कौन देख रहा है।
यूट्यूब की प्रोडक्ट मैनेजमेंट की वाइस प्रेसिडेंट, जेनिफर फ्लैनरी ओ'कॉनर ने कहा कि कंपनी का मानना है कि बच्चों को डिजिटल दुनिया से दूर रखने के बजाय, उन्हें यह सिखाना ज्यादा जरूरी है कि वे सुरक्षित कैसे रहें। जेनिफर ओ'कॉनर ने यह भी साफ किया कि ये बदलाव स्क्रीन टाइम कंट्रोल, किशोरों के लिए ज्यादा जानकारी वाला कंटेंट और अकाउंट मैनेजमेंट से जुड़े हैं।
नई तकनीक, AI अपडेट्स, साइबर सुरक्षा, स्मार्टफोन लॉन्च और डिजिटल नवाचारों की आसान और स्पष्ट रिपोर्टिंग पाएं। ट्रेंडिंग इंटरनेट टूल्स, ऐप फीचर्स और गैजेट रिव्यू समझने के लिए Technology News in Hindi सेक्शन पढ़ें। टेक दुनिया की हर बड़ी खबर तेज़ और सही — केवल Asianet News Hindi पर।