धरती पर पाए जाते हैं 8 तरह के हाथी, जानें क्या बनाता है इन्हें खास

Published : Jul 28, 2025, 10:59 AM ISTUpdated : Jul 28, 2025, 11:03 AM IST

हाथी धरती पर रहने वाला सबसे बड़ा जानवर है। यह बुद्धिमान और भावनाएं रखने वाला जानवर है। दुनिया भर में हाथियों की 8 प्रजातियां हैं। आइए जानते हैं कौन सी बातें इन्हें खास बनाती हैं।

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अफ्रीकी बुश हाथी

अफ्रीकी बुश हाथी को सवाना हाथी भी कहा जाता है। यह धरती पर हाथियों की सबसे बड़ी प्रजाति है। ये हाथी उप-सहारा अफ्रीकी क्षेत्र में रहते हैं। बोत्सवाना, जिम्बाब्वे, तंजानिया, केन्या और दक्षिण अफ्रीका जैसे 23 देशों में पाए जाते हैं। इन हाथियों के आगे के पैर इनके पिछले पैरों से लंबे होते हैं।

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अफ्रीकी वन हाथी

अफ्रीकी वन हाथी कांगो, लाइबेरिया, घाना और गैबॉन जैसे देशों में पाए जाते हैं। इन हाथियों की लंबी और सीधी सूंड और गोल कान होते हैं।

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एशियाई हाथी

एशियाई हाथी खास प्रजाति है। ये हाथी भारत, बांग्लादेश, चीन, नेपाल, थाईलैंड और वियतनाम सहित तेरह देशों में पाए जाते हैं। ये हाथी समूहों में भोजन की तलाश करते हैं, नेतृत्व आमतौर पर वृद्ध मादा करती है। एशियाई हाथियों का रंग अन्य प्रजातियों की तुलना में हल्का होता है। उम्र बढ़ने के साथ उनका रंग फीका पड़ जाता है।

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भारतीय हाथी

भारतीय हाथी एशियाई हाथियों की तीन उप-प्रजातियों में से एक हैं। इनकी अधिकांश आबादी भारत में पाई जाती है। ये हाथी भूटान, म्यांमार, बांग्लादेश, लाओस और कंबोडिया में भी पाए जाते हैं। ये अफ्रीकी हाथियों से छोटे होते हैं। इनके शरीर में 1,50,000 मांसपेशियां पाई जाती हैं।

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श्रीलंकाई हाथी

श्रीलंकाई हाथी एशियाई हाथियों की सबसे बड़ी उप-प्रजाति है। ये हाथी श्रीलंका के शुष्क क्षेत्रों में पाए जाते हैं। श्रीलंका का राष्ट्रीय पशु श्रीलंकाई हाथी है। ये हाथी लुप्तप्राय प्रजाति हैं। ऐसे केवल 4000 हाथी बचे हैं।

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सुमात्रा हाथी

सुमात्रा हाथी इंडोनेशिया के सबसे बड़े द्वीप सुमात्रा में पाए जाते हैं। ये सभी एशियाई हाथियों में सबसे छोटे होते हैं। इनकी त्वचा का रंग सबसे हल्का होता है। सुमात्रा हाथी अपने द्वीप के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये अपने रास्ते में पौधे और बीज फैलाते हैं।

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अफ्रीकी बौना हाथी

अफ्रीकी बौना हाथी दुनिया के सबसे छोटे हाथी हैं। अफ्रीकी जंगली हाथियों की एक उप-प्रजाति के रूप में ये उन्हीं क्षेत्रों में रहते हैं। जंगल काटे जाने और अवैध शिकार के चलते इनकी संख्या कम हो गई है। इन हाथियों के बारे में एक मजेदार तथ्य यह है कि मादाएं कभी-कभी बिना सूंड के पैदा होती हैं।

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बोर्नियो पिग्मी हाथी

बोर्नियो पिग्मी हाथी एक उप-प्रजाति है। यह लगभग 3 लाख साल पहले एशियाई हाथियों से अलग हो गई थी। समय के साथ, इनका आकार छोटा होता गया और अन्य एशियाई हाथियों की तुलना में इनके कान, पूंछ और सूंड काफी बड़े हो गए। ये इंडोनेशिया के बोर्नियो द्वीप और मलेशिया के कुछ हिस्सों में पाए जाते हैं।

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