
नई दिल्ली। पाकिस्तानी अंपायर असद रऊफ की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें देखा जा सकता है कि पाकिस्तान के इस अंपायर की आर्थिक हालत इन दिनों बेहद खराब है। परिवार का खर्च चलाने के लिए इन दिनों उन्हें जूते और कपड़ों की दुकान करनी पड़ रही है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह दुकान इनकी अपनी है या फिर यहां वे नौकरी कर रहे हैं।
असद रऊफ को वर्ष 2016 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया था। अनुशासन समिति ने तब उन्हें भ्रष्टाचार में लिप्त होने का दोषी पाया था। तब दावा किया गया था कि रऊफ ने सट्टेबाजों को मनमाफिक परिणाम देने के लिए उनसे महंगे गिफ्ट लिए थे। इसके अलावा, वर्ष 2013 में भी आईपीएल मैच के दौरान मैच फिक्सिंग में उनका नाम सामने आया था।
मैं अभी 66 साल का हूं और अब भी अपने पैरों पर खड़ा हूं
जूते और कपड़े की दुकान पर काम करते हुए अपनी तस्वीर सामने आने के बाद रऊफ ने पाकिस्तान के एक चैनल पर खुद सफाई दी। उन्होंने कहा, मैंने पूरी उम्र जब खुद ही खिला दी, तो अब किसको देखना है। 2013 के बाद मैंने क्रिकेट से बिल्कुल ही.. क्योंकि जो काम मैं छोड़ता हूं उसे छोड ही देता हूं। रऊफ ने चैनल से बातचीत में यह भी कहा, मैंने छोटा सा यह सेटअप रखा है। देखिए काम भी तो करना है। मेरे खून में है कि जब तक जिंदगी है, तब तक काम करना ही है। मैं अभी 66 साल का हूं और अब भी अपने पैर पर खड़ा हूं। लोगों को काम करते रहना चाहिए। अगर आप काम छोड़ देंगे, तो घर बैठ जाएंगे।
असद का 13 साल का करियर, अब क्रिकेट में कोई दिलचस्पी नहीं
रऊफ का अंपायर के तौर पर 13 साल का करियर रहा है। उन्होंने इस दौरान 49 टेस्ट मैच, 98 वन डे मैच और 23 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अंपायरिंग की है। प्रतिबंध के बाद असद का जीवन पूरी तरह से बदल गया और माली हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें लाहौर के बाजार में जूते और कपड़े की दुकान पर काम करना पड़ रहा है। असद के अनुसार, अब क्रिकेट से उनका कोई वास्ता नहीं और न ही इस खेल में उनकी कोई दिलचस्पी है।
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