
नई दिल्ली. कोरोना महामारी के बीच प्लाज्मा डोनेट करने को लेकर लोगों को काफी जागरूक किया जा रहा है। लेकिन डॉक्टरों के एक समूह, पब्लिक हेल्थ अधिकारी और एक्सपर्ट के ग्रुप ने एम्स प्रमुख और आईसीएमआर प्रमुख को पत्र लिखकर कोविड में प्लाज्मा के इस्तेमाल पर चिंता जाहिर की।
प्लाज्मा थेरेपी को बताया तर्कहीन
पत्र प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉक्टर विजय राघवन को लिखा गया, जिसमें कहा गया, देश में कोविड के इलाज में प्लाज्मा का तर्कहीन और गैर-वैज्ञानिक इस्तेमाल हो रहा है। यह चिंता की बात है। विशेषज्ञों ने हजारों कोविड -19 रोगियों और उनके परिवारों को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
पत्र में विभिन्न रिपोर्टों का हवाला देते हुए वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है, वर्तमानमें किए गए शोध ये संकेत देते हैं कि कोविड के उपचार में प्लाज्मा से कोई फायदा नहीं हो रहा है।
प्लाज्मा थेरेपी को बंद कर देना चाहिए
विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि प्लाज्मा दान करने वाले और इसे लेने वाले बेवजह की समस्या का सामना कर रहे हैं। इतना ही नहीं, पूरे देश में प्लाज्मा बैंक भी बनाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि प्लाज्मा थेरेपी से मौतों की संख्या में कोई कमी दर्ज नहीं की गई है, साथ ही आगे चलकर ये थेरेपी नुकसान पहुंचा सकती है। ये संक्रमण के खतरे को भी बढ़ा सकती है।
विशेषज्ञों ने कहा, हम आपसे अनुरोध करते हैं कि दिशा-निर्देशों की समीक्षा करें और इस अनावश्यक थेरेपी को बंद करें, जिसका कोई लाभ नहीं है।
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