
नई दिल्ली। आज विश्व हास्य दिवस यानी वर्ल्ड लॉफ्टर डे (World Laughter day 2022) हैं। डाक्टरों की मानें तो हंसी सभी उम्र वर्ग के लोगों के लिए अच्छी दवा है। नींद नहीं आने की शिकायत है तो यह हंसी दवा के तौर पर कारगर साबित हो सकती है। यह तनाव को कम करती है और दिमाग में मेलोटीन नामक हार्मोन उत्सर्जित करती है, जो नींद लाने में मदद करता है। हंसी और इसकी जरूरत को लेकर कुछ रिसर्च हुए हैं, जिनके रोचक नतीजे सामने आए हैं। आज विश्व हास्य दिवस पर हम इससे जुड़ी कुछ जानकारी आपको शेयर कर रहे हैं।
- नींद से जागने के बाद चाय या कॉफी की जगह अगर थोड़ी देर हंस लिया जाए तो यह आपको ज्यादा रिफ्रेश कर सकता है। हंसी और शरीर पर इसके पड़ने वाले प्रभावों को जेलॉटोलाजी कहते हैं।
- डाॅक्टरों की मानें तो हमारे हंसने से शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बदलता है, जिससे मानसिक तनाव में कमी आती है।
- बड़ों को बच्चों की सोचना और आनंद लेना चाहिए, क्योंकि बच्चे एक बालिग शख्स की तुलना में तीन गुना ज्यादा हंसते और खुश रहते हैं। वहीं, महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा हंसती और खुश रहती हैं।
- इंसान समूहों में होते हैं। दोस्तों और परिजनों के साथ होते हैं तो 20 से 30 गुना ज्यादा हंसते हैं। इंसान ही नहीं, जानवर भी सामान्य तौर पर हंसते हैं या ऐसा अनुभव करते हैं।
- कहा जाता है दिल खोलकर को जो भी काम किया जाए, उसके नतीजे बेहतर होते हैं। इसी तरह खुलकर हंसी शरीर को मजबूत बनाती है। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
- हंसना बहुत अच्छा व्यायाम भी है। हंसते समय चेहरा, पेट आदि जगहों की मांसपेशियां खिंचती है, जिससे उनमें मजबूती भी आती है। यही नहीं, अगर हम रोज 15 मिनट भी हंसेे तो 40 कैलोरी तक खत्म कर सकते हैं और यह आपके करीब दो दिन बढ़ा सकती है।
- रिसर्च में सामने आया है कि एक व्यक्ति दिनभर में 13 से 15 बार हंसता है। जब आप किसी के साथ खुलकर हंसते हैं, तो महसूस करते हैं कि आपका संबंध उसके साथ प्राकृतिक तौर पर जुड़ रहा है।
- सबसे जरूरी बात हे कोरोना वायरस की तरह हंसी भी संक्रामक है। एक दूसरे को हंसता देख हंसी आ ही जाती है।
वायरल न्यूज(Viral News Updates): Read latest trending news in India and across the world. Get updated with Viral news in Hindi at Asianet Hindi News