
Kashmir Smart Electricity Meter Protest: कश्मीर में मुस्लिम महिलाएं नए स्मार्ट बिजली मीटरों की इंस्टॉलेशन का विरोध कर रही हैं। कई महिलाओं ने बकायदा ग्रुप में नई मीटरों को सड़क पर नष्ट कर दिया। इन महिलाओं का कहना है कि वे इन मीटरों के बिजली के बिलों का भुगतान नहीं करेंगी। वहीं इंटरनेट यूजर्स का कहना है कि क्योंकि लंबे समय तक उन्हें मुफ्त या सब्सिडी वाली बिजली मिलती रही है, जिसका भुगतान आपके टैक्स के पैसों से किया जाता रहा है। अब उन्हें इसकी आदत लग गई है।
कश्मीर के बीरवह जैसे इलाकों में भारी संख्या में महिलाएं नए स्मार्ट बिजली मीटरों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। वे बिजली विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई को तत्काल बंद करने की मांग कर रही हैं। कई महिलाओं ने यह भी कहा कि बीते कुछ महीनों में बिजली के बिलों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। स्मार्ट मीटर से उनका बजट गड़बड़ा जाएगा। वे पहले ही मंदी से परेशान हैं, इस पर वे अब कोई आर्थिक नुकसान नहीं झेलेंगी।
स्मार्ट मीटर सिस्टम की शुरूआत करने का उद्देश्य इलेक्ट्रिकसिटी की खपत को प्रामाणिक रूप से मापना, ट्रांसपेरेसी बढ़ाना और बिजली चोरी को रोकना है। हालांकि, इसमें जिस रफ्तार से बिल बढ़ता है, उससे लोगों का शंका होने लगती है कि क्या ये फेयर काम करता है। या फिर बिजली कंपनियां कमाई करने के लिए इसमें मैन्युप्लेट कर रही हैं। इस बात को लेकर गरीब और मिनीमम इनकम वाले परिवार चिंतित हैं, वे मानते हैं कि महंगाई के दौर में बिजली के बढ़ते बिलों का कैसे सामना करेंगे।हालांकि महिलाओं ने जिस तरह से मीटर उखाड़कर प्रदर्शन किया, वो कतई सही नहीं ठहराया जा सकता है। इस मामले पर राज्य सरकार का कहना है कि स्मार्ट मीटर क्लियर कट बिलिंग फिक्स करेगा और इलेक्ट्रक डिस्ट्रीब्युशन को बेहतर बनाएगा।
कश्मीरी महिलाएं भारतीय सरकार के किसी भी योजना का समर्थन नहीं करती है। वे अपने बच्चों को विरोध के लिए भी तैयार करती हैं। इससे पहले कई मौकों पर सुना जा चुका है, कि उनके बच्चों का सेना के खिलाफ हथियार उठाना सही है। वे पूरी फैमिली समेत पत्थरबाजी की घटनाओंं में शामिल रह चुकी है।
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