
American Mom Shares Experience India vs US: अमेरिका से भारत आईं क्रिस्टन फिशर नाम की एक महिला ने यहां की कुछ खास सुविधाओं के बारे में बात की, जो उन्हें इतनी पसंद आईं कि अब वो चाहती हैं कि ये अमेरिका में भी हों। करीब 4 साल पहले भारत आने के बाद उन्होंने कई ऐसी चीजें देखीं, जो उनके लिए बिल्कुल नई थीं और उन्हें बेहद सुविधाजनक लगीं। एक इंस्टाग्राम वीडियो में उन्होंने उन 10 बातों को शेयर किया, जो भारत में तो आम हैं लेकिन अमेरिका में या तो बहुत महंगी हैं या फिर उपलब्ध ही नहीं। उनका कहना है कि भारत की ये चीजें न केवल जिंदगी को आसान बनाती हैं बल्कि समय और पैसे की भी बचत करती हैं। जानिए कि भारत की कौन-सी 10 सुविधाएं उन्हें सबसे ज्यादा पसंद आईं।
क्रिस्टन को भारत का डिजिटल सिस्टम सबसे ज्यादा पसंद आया। उनका कहना है कि यहां बस एक फोन लेकर बाहर जाओ और सबकुछ हो जाता है। पहचान पत्र से लेकर पेमेंट तक, सबकुछ डिजिटल हो चुका है। यूपीआई (Unified Payment Interface) के जरिए किसी को भी सेकंड्स में पेमेंट की जा सकती है। ये सुविधा अमेरिका में नहीं है और वहां अभी भी कार्ड या कैश पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ता है।
भारत में हर गली, हर सड़क पर ऑटो और रिक्शा आसानी से मिल जाते हैं। ये न केवल सस्ते होते हैं बल्कि सफर भी जल्दी और आराम से हो जाता है। अमेरिका में ऐसी सुविधा नहीं है, वहां टैक्सी लेनी पड़ती है जो बहुत महंगी होती है और हर जगह उपलब्ध भी नहीं होती।
भारत में किसी भी क्लिनिक में जाओ और तुरंत डॉक्टर से मिल लो। ज्यादातर मामलों में अपॉइंटमेंट की जरूरत नहीं होती, दवाइयां भी बिना डॉक्टर की पर्ची के मिल जाती हैं। अमेरिका में डॉक्टर से मिलने के लिए हफ्तों पहले अपॉइंटमेंट लेना पड़ता है और इलाज भी बहुत महंगा होता है।
भारत में हर गली और मोहल्ले में कूड़ा उठाने के लिए सरकारी सफाई कर्मचारी आते हैं। जबकि अमेरिका में इस सुविधा के लिए हर महीने अच्छी-खासी रकम चुकानी पड़ती है। क्रिस्टन को ये सुविधा बेहद पसंद आई क्योंकि इससे साफ-सफाई बनी रहती है।
भारत में घर का कोई भी काम हो, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटर या मेड आसानी से मिल जाते हैं और वो भी किफायती दरों पर। अमेरिका में श्रमिकों की सेवाएं इतनी महंगी हैं कि ज्यादातर लोग खुद ही अपने घर के छोटे-मोटे काम करने के लिए मजबूर होते हैं।
भारत में वेजिटेरियन फूड के ढेरों विकल्प मिलते हैं। कई रेस्टोरेंट पूरी तरह से शाकाहारी होते हैं और अन्य में आधे से ज्यादा मेन्यू में शाकाहारी व्यंजन शामिल होते हैं। अमेरिका में शाकाहारी लोगों के लिए बहुत कम विकल्प होते हैं।
भारत में हर सामान पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) लिखा होता है, जिससे किसी भी चीज की सही कीमत का अंदाजा लगाया जा सकता है। अमेरिका में ये सिस्टम नहीं है, वहां सामान की कीमतें जगह और दुकान के हिसाब से अलग-अलग होती हैं।
भारत में ग्रॉसरी से लेकर कपड़े, दवाइयां और फूड तक सबकुछ मिनटों में डिलीवर हो जाता है। कई डिलीवरी ऐप्स इतनी तेज सर्विस देती हैं कि ग्राहक कुछ ही मिनटों में अपना सामान पा लेते हैं। अमेरिका में इस तरह की सुविधा कम ही देखने को मिलती है।
भारत में स्टार्टअप और नए बिजनेस के लिए बहुत सारे अवसर मौजूद हैं। यही वजह थी कि क्रिस्टन ने अपने पति के साथ यहां शिफ्ट होने का फैसला किया। उनका कहना है कि भारत में लोग नए आइडियाज को सपोर्ट करते हैं और बिजनेस को बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से भी कई योजनाएं चलाई जाती हैं।
क्रिस्टन ने बताया कि पहली बार 2017 में जब वो भारत आई थीं, तभी उन्हें यहां की संस्कृति और लोगों का अपनापन बहुत पसंद आया। 2021 में उन्होंने अपने पति और दो बेटियों के साथ यहां शिफ्ट होने का फैसला किया। अब वे तीन बच्चों की परवरिश भारत में कर रही हैं और एक वेब डेवलपमेंट कंपनी भी चला रही हैं। उन्होंने हिंदी भी सीखी और अब खुद को भारत के करीब महसूस करती हैं।
क्रिस्टन का मानना है कि भारत में न सिर्फ जीवन आसान है, बल्कि यहां की संस्कृति, लोगों का अपनापन और सुविधाएं भी इसे रहने लायक बनाती हैं। वे कहती हैं कि अमेरिका में भले ही टेक्नोलॉजी एडवांस हो, लेकिन भारत में जीवन जीने की सहूलियत कहीं ज्यादा है। यही वजह है कि उन्होंने अमेरिका छोड़कर भारत को अपना घर बना लिया।
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