वो 16 देश जहां बुर्का नहीं पहन सकतीं महिलाएं, वो 5 देश जहां नहीं पहना तो मिलेगी सजा

Published : Oct 14, 2022, 11:03 AM IST
वो 16 देश जहां बुर्का नहीं पहन सकतीं महिलाएं, वो 5 देश जहां नहीं पहना तो मिलेगी सजा

सार

नकाब, हिजाब या बुर्का या फिर किसी भी ऐसे कपड़े से चेहरा ढंकने को लेकर दुनियाभर में बहुत से देशों ने पाबंदी लगा रखी है। वहीं, कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां नकाब या हिजाब पहनना अनिवार्य है, मगर इनकी संख्या बेहद कम या कहें न के बराबर है। 

ट्रेंडिंग डेस्क। भारत के कर्नाटक में पिछले साल शुरू हुआ हिजाब विवाद अभी थमता नजर नहीं आ रहा। कर्नाटक हाईकोर्ट की ओर से शिक्षण संस्थानों में हिजाब पहनने के मामले में फैसला सुनाते हुए छात्राओं याचिका खारिज करते हुए जो फैसला सुनाया था, वो आगे भी जारी रहेगा। इस मामले को सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच के पास भेजा जाएगा, जहां से अंतिम फैसला आने के बाद संभवत: वह इस मुद्दे पर आगे की दिशा और दशा तय करेगा। 

बहरहाल, आज हम कुछ ऐसे देशों की बात करेंगे जहां हिजाब, नकाब या बुर्के पर कोई बैन नहीं है या फिर पूरी तरह बैन है। वहीं ब्रिटेन समेत कुछ ऐसे देश भी हैं, जहां न अनिवार्यता है और न ही प्रतिबंध। हां, ब्रिटेन में यह जरूर है कि यहां ड्रेस कोड स्कूल प्रबंधन ही तय करता है और वहीं अंतिम माना जाता है। तो आइए जानते हैं उन देशों के बारे में जानते हैं, जहां हिजाब के अनिवार्यता या प्रतिबंध पर कोई कानून या नियम हैं। 

वे देश जहां चेहरा ढंकने या इस्लामिक नकाबों पर रोक है- 

  • फ्रांस- इस देश में सार्वजनिक स्थानों पर पूरे चेहरे को ढंकने वाले इस्लामी नकाबों पर प्रतिबंध 11 अप्रैल 2011 को लगाया गया। ऐसा करने वाला यह पहला यूरोपीय देश बना। 
  • बेल्जियम- इस देश में जुलाई 2011 में प्रतिबंध लगाया कि देश में कोई भी पूरा चेहरा नहीं ढंकेगा। यहां पहनने वाले की पहचान जाहिर नहीं होने देने वाले किसी भी ऐसे ड्रेस पर रोक लगी है। 
  • नीदरलैंड्स- इस देश में नवंबर 2016 में सांसदों ने इस्लामिक नकाब पर रोक लगाने की मांग की, जिसे जून 2018 में संसद में एक कानून पारित कर समर्थन दिया गया। 
  • इटली- इस देश में पूरी जगह तो नहीं, मगर ज्यादातर शहरों में चेहरा ढंकने या नकाब पहनने पर प्रतिबंध है। दिसंबर 2015 में इस पर सहमति बनी और जनवरी 2016 से यह लागू हुआ था। 
  • जर्मनी- इस देश में 6 दिसंबर 2016 को तत्कालीन चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा कि देश में जहां भी कानूनी रूप से संभव हो, चेहरा ढंकने वाले नकाबों पर प्रतिबंध लगना चाहिए। फिलहाल कानून तो नहीं है, मगर यहां जरूरत पड़ने पर महिलाओं को चेहरा दिखाना अनिवार्य है और ड्राइविंग के दौरान कोई भी चेहरा नहीं ढंकेगा। 
  • आस्ट्रिया- इस देश में अक्टूबर 2017 में स्कूलों, अदालतों समेत सार्वजनिक जगहों पर चेहरा ढंकने या नकाब पहनने पर कानूनी तौर पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। 
  • नार्वे- इस देश में कानून पारित करके जून 2018 में शिक्षण संस्थानों समेत सार्वजनिक जगहों पर चेहरा ढंकने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। 
  • स्पेन- इस देश में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध तो नहीं है, मगर 2010 में बार्सिलोना समेत कई और शहर में सार्वजनिक जगहों पर चेहरा ढंकने या नकाब पहनने पर रोक लगा दिया गया था। 
  • अफ्रीका- इस देश में 2015 में बुर्का पहने कई महिलाओं ने बड़े आत्मघाती हमले अंजाम दिए, जिसके बाद यहां पूरा चेहरा ढंकने या नकाब पहनने पर रोक लगा दी गई। 
  • तुर्की- यह देश 85 साल से भी ज्यादा समय तक धर्मनिरपेक्ष देश था। तुर्की के संस्थापक मुस्तफा कमाल अतातुर्क ने हिजाब को पिछड़ी सोच वाला बताया था। हालांकि, रेचेप के आने के बाद यहां महिलाएं सिर ढंकने लगी हैं। 
  • डेनमार्क- इस देश की संसद ने 2018 में पूरा चेहरा ढंकने वालों के लिए जुर्माने का प्रावधान करने के बिल को मंजूरी दी थी। इसके तहत चेहरा ढंकने या नकाब पहनने पर पहली बार तय जुर्माना देना होगा और दूसरी बार पहली बार से दस गुना अधिक जुर्माना या छह महीने की जेल होगी। बुर्का पहनने पर दो साल की जेल और जुर्माने की सजा भुगतनी होगी। 
  • रूस- इस देश के कई शहरों में हिजाब पहनने पर रोक है। यहां ये ऐसा पहला प्रतिबंध है। जुलाई 2013 में रूस की सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को बरकरार रखा था। 
  • स्विट्जरलैंड- इस देश में वर्ष 2009 में न्याय मंत्री ने इसका समर्थन किया। फिर 2013 में 65 प्रतिशत लोगों ने इसका समर्थन किया और बाद में चेहरा ढंकने या नकाब पहनने पर रोक लगा दी गई। 
  • कैमरून- इस देश में 2015 में बुर्का पहनने या चेहरा ढंकने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस कानून को तोड़ने पर जुर्माने और सजा का प्रावधान भी है। 
  • श्रीलंका- इस देश में बीते कुछ साल में आतंकी हमलों को देखते हुए सार्वजनिक जगहों पर चेहरे को पूरी तरह ढंकने या नकाब पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। 
  • बुल्गारिया- इस देश की संसद ने अक्टूबर 2016 में विधेयक पारित कर कानून बनाया कि सार्वजनिक जगहों पर कोई चेहरा ढंकते या नकाब पहने दिखे, तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, उनकी सरकारी सुविधाओं में भी कटौती की जाएगी। 

वे देश जहां नकाब पहनना अनिवार्य है-  

  • सऊदी अरब- इस देश में मुस्लिम महिलाओं को ढीली पोशाक अबाया पहनना जरूरी है। इसे हिजाब, नकाब या बुर्के के साथ पहना जाता है। 
  • अफगानिस्तान- इस देश में महिलाओं को हिजाब, नकाब या बुर्का पहनना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने वालों को कठोर सजा दी जाती है। 
  • ईरान- इस देश में 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद हिजाब पहनना अनिवार्य कर दिया गया। यहां सार्वजनिक जगहों पर सिर और गर्दन ढंकने का आदेश है। 
  • पाकिस्तान- इस मुस्लिम बहुल देश में ऐसा कोई कानून तो नहीं है, मगर धार्मिक संगठन यहां हावी हैं और ऐसा दबाव बनाकर रखते हैं कि सार्वजनिक जगहों पर महिलओं को चेहरा ढंक कर निकलना पड़ता है।
  • इंडोनेशिया- इस देश की आबादी मुस्लिम बहुल है। वैसे यहां महिलाओं को आजादी है कि वे हिजाब, नकाब या बुर्का पहनना चाहती हैं या नहीं। 

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