
लंदन। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की भारतीय पत्नी अक्षता मूर्ति मशहूर अरबपति उद्यमी एनआर नारायणमूर्ति की बेटी हैं। अक्षता के पिता यानी ऋषि सुनक के ससुर एनआर नारायणमूर्ति टेक दिग्गज कंपनी इंफोसिस के को-फाउंडर रहे हैं। उन्होंने 1981 में इस कंपनी की नींव रखी थी। आउटसोर्सिंग की दिग्गज कंपनी इंफोसिस आज लगभग 75 बिलियन डॉलर की है। इसने भारत को दुनिया के बैक ऑफिस में बदलने में मदद की है।
वर्ष 2012 में मशहूर फॉर्चयून पत्रिका के 12 महानतम उद्यमियों की लिस्ट में तब केवल दो गैर अमरीकी शामिल थे, जिनमें एक नारायणमूर्ति थे। बहुत कम लोग जानते हैं कि नारायणमूर्ति को यूरोप में 1974 में चार रात के लिए कैद कर लिया गया था। नारायणमूर्ति ने बाद में कहा था, इस घटना ने मुझे एक भ्रमित वामपंथी से दृढ़ दयालु पूंजीवादी के तौर पर बदलने में मदद की।
अक्षता की मां सुधा टाटा मोटर्स की पहली महिला इंजीनियर
यही नहीं, अक्षता की मां और ऋषि सुनक की सास सुधा अपने समय में टाटा मोटर्स की पहली महिला इंजीनियर थीं। वे भी एक समय तब चर्चा में आई थीं, जब फर्म की ओर से एक वैकेंसी के दौरान यह शर्त रखी थी कि महिला उम्मीद्ववारों को आवेदन की आवश्यकता नहीं है। तब सुधा ने इसके विरुद्ध पोस्टकार्ड अभियान शुरू किया था। विभिन्न विषयों पर कई किताबें लिख चुकीं सुधा को भारत की पसंदीदा नानी भी कहा जाता है, जो सामाजिक कार्यों में भी आगे रहती हैं। दावा किया जाता है कि उन्होंने अब तक 60 हजार से अधिक छोटे-बड़े पुस्तकालयों की स्थापना की और 16 हजार से अधिक शौचालय बनवाए हैं।
घर में टीवी नहीं रखी, दूसरे बच्चों के साथ ऑटो से स्कूल भेजा
दावा यह भी किया जाता है नारायणमूर्ति और सुधा ने अपने दोनों बच्चों रोहन और अक्षता की काफी कठोर परवरिश की है। पढ़ाई में बाधा नहीं उत्पन्न हो, इसके लिए उन्होंने कभी घर में टीवी नहीं रखा। काफी पैसा होने के बावजूद दोनों बच्चे कभी भी निजी वाहन से स्कूल नहीं गए बल्कि, वे आम सहपाठियों की तरह ही ऑटो रिक्शा में स्कूल जाते और घर वापस लौटते। हालांकि, एक समय के बाद उन्होंने कभी बच्चों पर अपने आदेश नहीं थोपे और यही वजह है कि जब अक्षता ने साउथेम्पटन में ऋषि को पसंद किया और उसका जिक्र पिता को भेजे पत्र में किया था, तब उन्होंने कोई आपत्ति नहीं जताई थी बल्कि, उन्होंने विनम्रता से उसकी अच्छाइयों को आकलन करके पत्र का शानदार जवाब दिया, जिसमें लिखा था, व न सिर्फ डॉक्टर का बेटा है बल्कि, शानदार, सुंदर और सबसे जरूरी बात ईमानदार भी है।
भव्य नहीं था 2009 में हुई शादी का समारोह, मगर रिसेप्शन शानदार था
दरअसल, अक्षता और ऋषि की पहली मुलाकात अमरीका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुई थी। तब अक्षता वहां से एमबीए कर रही थीं और ऋषि ऑक्सफोर्ड से फर्स्ट क्लास में डिग्री ले चुके थे। दोनों की शादी 2009 में कुछ खास भव्य तरीके से नहीं हुई, मगर रिसेप्शन जरूर शानदार था, जिसमें एक हजार से अधिक दुनियाभर के उद्योगपति, क्रिकेटर और राजनेता शामिल हुए थे। आज इंफोसिस की कीमत 700 मिलियन डॉलर है और यह भारी-भरकम रकम उन्हें यूके की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से भी अधिक अमीर बनाती है। 2021 में संडे टाइम्स ने उनकी निजी संपत्ति की अनुमानित कीमत 460 मिलियन डॉलर बताई थी।
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