
यादगीर. आजकल प्री-वेडिंग शूट का चलन बहुत बढ़ गया है। पहले ये सिर्फ़ अमीर लोगों तक ही सीमित था, लेकिन अब गाँवों में भी ये चलन आ गया है। गाँवों की शादियों में भी प्री-वेडिंग शूट का कल्चर आ गया है, और यादगीर ज़िले का ये वाकया इसकी एक बढ़िया मिसाल है।
देसी अंदाज़ में प्री-वेडिंग शूट
यादगीर ज़िले के वडगेरा तालुके के कुमनूर गाँव के कुपेंद्र और वडगेरा शहर की श्रीदेवी के प्री-वेडिंग शूट ने सबका ध्यान खींचा है। इस जोड़े का फोटोशूट पूरी तरह से देसी अंदाज़ में हुआ, जिसमें उन्होंने नए ज़माने के कपड़ों की जगह पारंपरिक कपड़े पहने।
कुपेंद्र ने पंचा पहना, सर पर तौलिया बाँधा और चरवाहे के रूप में दिखे, वहीं श्रीदेवी ने इल्कल साड़ी पहनी, हाथ में लाठी ली और एक देसी लड़की की तरह दिखीं, जो भेड़-बकरियाँ चरा रही है। इस शूट में गाँव की सादगी और पारंपरिक जीवनशैली की झलक दिखती है।
नए प्यार की निशानी
ये प्री-वेडिंग शूट नए ज़माने के प्यार की एक नई निशानी है। नए ज़माने के साथ पारंपरिक मूल्यों को जोड़ने वाला ये शूट, सिर्फ़ यादगीर ही नहीं, बल्कि दूसरे गाँवों के लिए भी एक प्रेरणा है। आज शादी के बंधन में बंधने वाले कुपेंद्र और श्रीदेवी ने अपने प्री-वेडिंग शूट के ज़रिए देसी कल्चर की खूबसूरती को अपनाया है।
कुल मिलाकर, प्री-वेडिंग शूट का ये नया रूप देसी भारत में परंपरा और आधुनिकता के मेल को दिखाता है। यादगीर के कुपेंद्र और श्रीदेवी का ये शूट, गाँवों में बढ़ते इस कल्चर की एक मिसाल है, और ये आगे आने वाले शादी के सीज़न में और भी ज़्यादा मशहूर हो सकता है।
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