
दिल्ली. ये हैं नॉर्थ दिल्ली के नंदनगरी बी ब्लाक स्थित भीष्म पितामह सर्वोदय बाल विद्यालय के 12वीं क्लास (कामर्स) के छात्र शमीम। मूलत: बिहार के शमीम ने कबाड़ की जुगाड़ से एक इलेक्ट्रिक बाइक (ई-बाइक) तैयार की है। इसकी कॉस्ट करीब 30 हजार रुपए आई है। इसे एक बार चार्ज करने पर 110 किलोमीटर चलाया जा सकता है। हालांकि मार्केट में कई ऐसी ई-बाइक्स भी हैं, जो 150 किमी तक चलती हैं। लेकिन यह जुगाड़ की बाइक सोशल मीडिया पर वायरल है। पेट्रोल के बढ़ते रेट और पॉल्यूशन से निपटने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स एक सबसे बेहतर तरीका है। देश में इस समय कई कंपनियां बैटरी संचालित टू व्हीलर्स बनाने में लगी हैं। लेकिन कुछ लोग जुगाड़ से भी अपनी पुरानी गाड़ी को इसमें बदल रहे हैं। जानिए क्या है इस जुगाड़ की बाइक की कहानी...
मार्केट की ई-बाइक्स से रेट कम
दिल्ली सरकार अपने स्कूलों में बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम चलाती है। इसमें टैलेंटेड स्टूडेंट्स की क्रियेटिविटी को प्रोत्साहित करने नए-नए प्रोजेक्ट पर काम करती है। इसी के तहत शमीम ने यह ई-बाइक तैयार की है। वे दावा कर चुके हैं कि इसकी कीमत मार्केट में उपलब्ध बाकी ई-बाइकों से बहुत कम पड़ रही है। शमीम ने दिल्ली सरकार से मिली 16 हजार रुपये की सीड मनी(Seed money) से यह बाइक तैयार की। यह सीड मनी शमीम सहित 8 स्टूडेंट्स के ग्रुप को दी गई थी। सीड मनी नए स्टार्टअप को लॉन्च करने इन्वेस्ट के तौर पर दी जाती है। शमीम ने 7 हजार रुपए अपनी जेब से लगाया। शमीम के पिता एक इन्वर्टर की दुकान में काम करते हैं।
एजुकेशन डिपार्टमेंट को भेजी गई रिपोर्ट
स्कूल के प्रिंसिपल प्रमोद कुमार के मुताबिक जब शमीम ये इलेक्ट्रिक बाइक सबके सामने लेकर आए, तो आश्चर्य होना लाजिमी था। प्रमोद कुमार ने स्कूल के एंटरप्रेन्योर माइंडसेट करिकुलम (EMC) के संयोजक एसके सिंह के साथ मिलकर शमीम के प्रोजेक्ट की अलग से फाइल तैयार कर शिक्षा विभाग को भेजी है।
यह भी फैक्ट जानें
पेट्रोल के बढ़ते रेट और पॉल्युशन को कंट्रोल में करने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की मैन्युफैक्चरिंग तेजी से बढ़ी है। भारत में इस समय अलग-अलग कंपनियों की 250 से अधिक इलेक्ट्रिक बाइक्स मार्केट में हैं। इनी कीमत 25000 से स्टार्ट होती है।
सिर्फ पिछले साल यानी 2021 में भारत में 1.43 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक व्हीकल्स यूनिट्स की बिक्री हुइ थी।ञ हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में पिछले साल 425 प्रतिशत से अधिक की आश्चर्यजनक वृद्धि देखी गई थी।
2030 तक इलेक्ट्रिक व्हीकल फाइनेंस इंडस्ट्री का साइज 3.7 लाख करोड़ रुपए का होने का अनुमान है। हालांकि इस दौरान वाहनों के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और बैटरियों में 19.7 लाख करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत होगी।
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