Chaitra Amavasya 2022: 31 मार्च को हिंदू पंचांग की अंतिम अमावस्या, पितृ दोष से परेशान हैं तो ये उपाय करें

Published : Mar 30, 2022, 09:36 AM ISTUpdated : Mar 30, 2022, 09:56 AM IST
Chaitra Amavasya 2022: 31 मार्च को हिंदू पंचांग की अंतिम अमावस्या, पितृ दोष से परेशान हैं तो ये उपाय करें

सार

हिंदू धर्म में अमावस्या (Amavasya 2022) को बहुत ही खास तिथि माना गया है। इस तिथि को पर्व यानी उत्सव कहा जाता है। इस तिथि को स्वामी पितृ देवता हैं। इस बार चैत्र मास पर एक नहीं बल्कि दो दिन अमावस्या तिथि रहेगी।

उज्जैन. पंचांग के अनुसार चैत्र अमावस्या (Chaitra Amavasya 2022) का आरंभ 31 मार्च, गुरुवार को दोपहर 12.22 से होगा, जिसका समापन 1 अप्रैल, शुक्रवार को सुबह 11.54 पर होगा। ये हिंदू वर्ष की अंतिम अमावस्या है। विद्वानों के अनुसार, जब दोपहर में अमावस्या हो उस दिन पितरों के लिए श्राद्ध-तर्पण किया जाता है, 31 मार्च को ऐसा होगा। वहीं, जब सूर्योदय के समय अमावस्या हो तो स्नान-दान किया जाता है, जो कि 1 अप्रैल, शुक्रवार को करना शुभ रहेगा। आगे जानिए 31 मार्च, गुरुवार को कौन-से उपाय करने से पितृ देवता  (Pitra dosh Ke Upay) की कृपा हम पर बनी रहेगी। ये उपाय इस प्रकार हैं…

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1. अमावस्या तिथि पर पितरों को प्रसन्न करने के लिए किसी नदी के किनारे तर्पण, श्राद्ध आदि कर्म विधि-विधान से करें। इससे लिए योग्य विद्वान पंडित से सलाह लें और इसके बाद ही ये कार्य करें। इससे पितृ देवता प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष भी शांत होता है।
2. अमावस्या पर किसी ब्राह्मण को सपत्नी घर पर भोजन के लिए बुलाएं। भोजन में खीर अवश्य बनाएं। भोजन के बाद ब्राह्मण और उनकी पत्नी को दक्षिणा व अन्य भेंट जैसे कपड़े, बर्तन आदि का दान करें। इससे भी पितृ देवता प्रसन्न होते हैं।
3. इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करें और काले तिल प्रवाहित करें। इसके बाद जरूरतमंदों को खाद्य सामग्री जैसे चावल, दाल, गेहूं आदि चीजों का दान करें। संभव हो तो पकाया हुआ भोजन भी दान कर सकते हैं। इससे भी पितृों की आत्मा को शांति मिलती है।
4. पितृों की कृपा पाने के लिए अमावस्या पर शुद्ध घी व गुड़ मिलाकर धूप (सुलगते हुए कंडे पर रखना) देनी चाहिए। ऐसा करने के बाद हथेली में पानी लें व अंगूठे के माध्यम से उसे धरती पर छोड़ दें। ऐसा करने से पितरों को तृप्ति का अनुभव होता है और वे हमें आशीर्वाद देते हैं।
5. अमावस्या पर तालाब या नदी में मछलियों के लिए आटे की गोलियां बनाकर डालना चाहिए। साथ ही चीटियों के लिए शक्कर मिला हुआ आटा डालें। ऐसा करने से भी पितृ प्रसन्न होते हैं।


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