आज गणगौर तीज पर करें ये आसान उपाय, बना रहेगा सौभाग्य और घर में रहेगी सुख-समृद्धि

Published : Apr 15, 2021, 10:54 AM IST
आज गणगौर तीज पर करें ये आसान उपाय, बना रहेगा सौभाग्य और घर में रहेगी सुख-समृद्धि

सार

आज (15 अप्रैल, गुरुवार) गणगौर तीज है। इस दिन विशेष रूप से माता पार्वती व भगवान शंकर की पूजा की जाती है। यह कुंवारी और विवाहिता स्त्रियों का त्योहार है।

उज्जैन. गणगौर मुख्य रूप से राजस्थान का लोकपर्व है, लेकिन देश के अन्य हिस्सों में भी इसे मनाया जाता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, शंकर-पार्वती को प्रसन्न करने के लिए इस दिन कुछ उपाय भी कर सकते हैं। ये उपाय करने से सौभाग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। ये उपाय इस प्रकार हैं…

1. गणगौर तीज पर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करें। देवी को सुहाग की सामग्री अर्पित करें और भगवान शिव को सफेद वस्त्र। इसके बाद भोग लगाएं और आरती करें। इस उपाय से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
2. शिवपुराण के अनुसार, लाल व सफेद आंकड़े के फूल से भगवान शिव का पूजन करने से भोग व मोक्ष की प्राप्ति होती है।
3. माता पार्वती को शक्कर का भोग लगाकर उसका दान करने से भक्त को दीर्घायु प्राप्त होती है। दूध चढ़ाकर दान करने से सभी प्रकार के दु:खों से मुक्ति मिलती है। मालपूआ चढ़ाकर दान करने से सभी प्रकार की समस्याएं अपने आप ही समाप्त हो जाती है।
4. माता पार्वती को घी का भोग लगाएं तथा उसका दान करें। इससे रोगी को कष्टों से मुक्ति मिलती है तथा वह निरोगी हो
5. भगवान शिव को चमेली के फूल चढ़ाने से वाहन सुख मिलता है। अलसी के फूलों से शिव का पूजन करने से मनुष्य भगवान विष्णु को प्रिय होता है।

गणगौर तीज के बारे में ये भी पढ़ें

गणगौर तीज 15 अप्रैल को, परिवार की सुख-समृद्धि के लिए इस विधि से करें शिव-पार्वती की पूजा

10 THINGS: 16 श्रृंगार 16 दिन... सौभाग्य और अखंडता जानें क्या है गणगौर का पर्व

PREV
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi

Recommended Stories

Maha Navami 2026: महानवमी पर कौन-कौन से पाठ करने चाहिए? जानें दुर्गा मां की आराधना के खास पाठ
Periods During Navratri: नवरात्रि में पीरियड्स आ जाएं तो क्या करें? जानें 9 दिन का व्रत रखने के नियम