Janmashtami 2022: पाना चाहते हैं योग्य संतान तो जन्माष्टमी की रात करें इस खास मंत्र का जाप

Published : Aug 19, 2022, 12:15 PM IST
Janmashtami 2022: पाना चाहते हैं योग्य संतान तो जन्माष्टमी की रात करें इस खास मंत्र का जाप

सार

Janmashtami 2022: हिंदू धर्म में मंत्रों का विशेष महत्व है। मान्यताओं के अनुसार किसी खास मौके ये शुभ मुहूर्त में विशेष कामना के लिए मंत्र जाप किया जाए तो मनोकामना जल्दी ही पूरी हो जाती है। ऐसा ही एक मंत्र है संतान गोपाल मंत्र।  

उज्जैन. वैसे तो भगवान श्रीकृष्ण की पूजा कई रूपों में की जाती है मगर जन्माष्टमी पर भगवान के बाल स्वरूप की पूजा करने का ही महत्व है। इस दिन बाल गोपाल को पालने में बैठाया जाता है और झूला भी दिया जाता है। इस बार जन्माष्टमी पर्व 19 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। तंत्र शास्त्र में जन्माष्टमी की रात को बहुत ही खास माना गया है। इसे मोहरात्रि कहते हैं। इस रात में किए गए उपायों का जल्दी ही शुभ फल मिलता है।

जन्माष्टमी की रात करें संतान गोपाल मंत्र का जाप
वर्तमान में ऐसे कई परिवार हैं जो संतान सुख से वंचित हैं यानी काफी कोशिश के बाद ही उन्हें संतान की प्राप्ति नहीं हो रही है। ऐसी स्थिति में एक ऐसा मंत्र है जिसका जाप जन्माष्टमी की रात को करने से संतान प्राप्ति के योग बन सकते हैं, ऐसा धर्म ग्रंथों में लिखा है। इसे संतान गोपाल मंत्र (Santan Gopal Mantra) कहा जाता है। ये मंत्र बहुत ही आसान है, जिसका जाप कोई भी कर सकते हैं। 

इस विधि से करें संतान गोपाल मंत्र का जाप
- जन्माष्टमी की रात स्नान आदि करने के बाद पहले भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा करें। माखन-मिश्री का भोग लगाएं। इसके बाद उसी स्थान पर बैठकर तुलसी की माला से इस मंत्र का जाप करें।
- मंत्र जाप के दौरान शुद्ध घी की दीपक जलते रहने चाहिए। पीली धोती या वस्त्र पहनकर इस मंत्र का जाप करें। आसन कुशा का हो, इस बात का ध्यान रखें।
- सबसे पहले विनियोग करें-
अस्य गोपाल मंत्रस्य, नारद ऋषि:, अनुष्टुप छंद:, कृष्णो देवता, मम पुत्र कामनार्थ जपे विनियोग:।
- विनियोग के बाद ध्यान करें-
विजयेन युतो रथस्थित: प्रसभानीय समुद्र मध्यत:।
प्रददत्त नयान् द्विजन्मने स्मरणीयो वसुदेव नंदन:।। 
- इसके बाद शुद्ध मन से संतान कामना के लिए इस नीचे लिखे संतान गोपाल मंत्र का जाप कम से कम 51 माला करें। (1 माला का अर्थ है 108 बार)
ऊं देवकी सुत गोविंद वासुदेव जगत्पते ।
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गत:।।

- इस प्रकार जन्माष्टमी की रात मंत्र जाप करने के बाद अगली सुबह ब्राह्मणों को अपनी इच्छा अनुसार दान करें। इस मंत्र जाप से आपकी इच्छा पूरी हो सकती है।


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