घर के वास्तु को प्रभावित करता है मेन गेट, किस दिशा में है आपके घर का मुख्य दरवाजा

Published : Jan 16, 2020, 09:28 AM IST
घर के वास्तु को प्रभावित करता है मेन गेट, किस दिशा में है आपके घर का मुख्य दरवाजा

सार

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का हर हिस्सा उसमें रहने वाले लोगों पर नेगेटिव व पॉजिटिव असर डालता है। घर का मेन गेट बनवाते समय भी वास्तु नियमों का पालन करना चाहिए।

उज्जैन. घर का मेन गेट बनवाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए तथा उसके क्या अच्छे व बुरे परिणाम हो सकते हैं। आइए जानते हैं इस बारे में क्या कहता है वास्तु शास्त्र -

मेन गेट पूर्व दिशा की ओर हो तो...
1. यदि मकान का मेन गेट पूर्व दिशा की ओर हो तो भवन के उत्तर-पूर्व में खाली जगह जरूर छोड़ें। इससे आपकी हेल्थ बेहतर रहेगी।
2. जहां तक हो सके मकान का पूर्व भाग नीचा रखें। इससे घर का मालिक हेल्दी व पैसे वाला होगा।
3. यदि मकान में किराएदार रखना हो तो स्वयं ऊपरी मंजिल में रहें और किराएदार को ग्राउंड फ्लोर में रखें।
4. मकान के आग्नेय (पूर्व-दक्षिण) कोण में कोई अन्य दरवाजा न रखें। यदि ऐसा करेंगे तो चोरी व आगजनी का खतरा बना रहेगा।
5. घर की पूर्व दिशा या पूर्व-उत्तर (ईशान) कोण में कुआं, हैंडपंप या ट्यूबवेल का स्थान अवश्य बनवाएं।
6. पूर्व दिशा में बरामदा नीचा रखने पर घर के लोग हेल्दी रहेंगे और मान-सम्मान भी बढ़ेगा।
7. मकान के पूर्व भाग या ईशान कोण (पूर्व-उत्तर) को अपवित्र न रखें, ऐसा करने से धन और संतान की हानि हो सकती है।

मेन गेट पश्चिम दिशा की ओर हो तो...
1. यदि घर का मेन गेट पश्चिम दिशा की ओर हो व अन्य गेट भी पश्चिम में हों तो भी शुभ फल मिलते हैं।
2. अगर मेन गेट पश्चिम दिशा में है तो उस दिशा में घने पेड़ लगाना शुभ रहता है।
3. पश्चिम दिशा में गड्ढा, जमीन के अंदर पानी का टैंक या सेप्टिक टैंक न बनवाएं। नहीं तो आगे जाकर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
4. जिस पश्चिम मुखी प्लॉट में गहरे गड्ढे हों, जिन्हें भर पाना कठिन हो। उसे न ही खरीदें तो बेहतर है।
5. पश्चिम दिशा में गेस्ट हाऊस या गैराज बनवा सकते हैं।

मेन गेट उत्तर की ओर हो तो...
1. उत्तर दिशा में मेन गेट वाले घर में इस दिशा की दीवार घर बन जाने के बाद बनवानी चाहिए। यदि ऐसा नहीं करेंगे तो धन हानि व बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
2. यदि उत्तरमुखी घर में किराएदार हो तो मकान मालिक को उच्च भाग यानी पहली मंजिल में रहना चाहिए।
3. मकान के दक्षिण-पश्चिम में खाली जगह ज्यादा न छोड़े, इससे समस्याएं हो सकती हैं।
4. उत्तर-पूर्व या ईशान कोण में बेकार सामान न रखें, यदि रखेंगे तो पैसों से संबंधित परेशानियां बनी रहेंगी।
5. घर में रसोई आग्नेय कोण में व पूजा स्थल ईशान कोण में बनवाएं। ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहेगी।
6. बरामदा और भवन का खाली भाग नीचा रखने पर पारिवारिक सुख व धन लाभ होता है।

मेन गेट दक्षिण की ओर हो तो...
1. दक्षिण दिशा में मेन गेट वाले घर में पानी की निकासी उत्तर दिशा से होनी चाहिए। इससे घर की महिलाओं की हेल्थ ठीक रहेगी। यदि उत्तर दिशा से जल का निकास न हो सके तो पूर्व दिशा से जल का निकास होना चाहिए। ऐसा करने पर पुरुषों की हेल्थ ठीक रहेगी।
2. दक्षिण दिशा में मकान के सामने टीले, पहाड़ी और कोई ऊंचा भवन हो तो शुभ फल देता है।
3. दक्षिण भाग में कभी भी कुआं या बोरिंग न करवाएं। ऐसा करने से धन हानि, दुर्घटना व आकस्मिक मृत्यु का सामना करना पड़ सकता है।
4. दक्षिण भाग में बनने वाले कमरों का फर्श नीचे न बनाएं। कोशिश यही करें कि इस भाग में जो भी निर्माण करें वह पूर्व, उत्तर व ईशान दिशा की अपेक्षा थोड़ा ऊंचा हो।

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