अवैध प्लाटिंग पर विकास प्राधिकरण के अभियान के बाद अयोध्या में जमीनों की रजिस्ट्री में भारी कमी, दाम भी गिरे

Published : Aug 27, 2022, 07:32 PM IST
अवैध प्लाटिंग पर विकास प्राधिकरण के अभियान के बाद अयोध्या में जमीनों की रजिस्ट्री में भारी कमी, दाम भी गिरे

सार

अयोध्या में अवैध कालोनियों को चिन्हित करने और उस पर हुए निर्माण को हटाने का अभियान जोरों से चल रहा है। इस अभियान के बाद जमीनों की रजिस्ट्री में भारी कमी देखी जा रही है। 

अनुराग शुक्ला 
अयोध्या:
पिछले एक महीने से अयोध्या जिले में विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध कालोनियों को चिन्हित करने और उस पर हुए निर्माण को हटाने का अभियान जोरों पर है। इसके बाद से ही जमीनों की रजिस्ट्री में भी कमी देखी जाने लगी है। सब रजिस्ट्रार एसबी सिंह के मुताबिक रजिस्ट्री की संख्या पर पर्याप्त असर पड़ा है। उन्होंने बताया पिछले एक महीने में रजिस्ट्री की संख्या में 10 से 15% की कमी आई है।

प्राधिकरण की कार्रवाई से लोगों में भय व्याप्त हो गया है। आने वाले समय में रजिस्ट्री की संख्या में और भी कमी होने का अनुमान है। बता दें जमीन के खरीद-फरोख्त  में कई विभागों के अधिकारियों और कई जनप्रतिनिधियों के नाम सामने आने के बाद सांसद लल्लू सिंह ने शासन से जमीनों की जांच एसआईटी से कराने की मांग की थी ।

एक्शन के बाद अयोध्या में गिर गए जमीनों के दाम 
प्राधिकरण ने अवैध कालोनाइजर की लिस्ट शासन को भेज दी है। इनकी संख्या 50 से अधिक है। वही दूसरी तरफ शिकंजा कसने के बाद भूखंड के खरीदारों की आमद भी रामनगरी में कम हो गई है। राम मंदिर का फैसला आने के बाद देश के विभिन्न जगहों से लोगों की भीड़ अयोध्या में जमीन खरीदने को लेकर अक्सर देखी जाती रही। अब इन लोगों की आमद भी कम हो गई है। जिन कालोनियों को अवैध घोषित किया गया है। वहां एक माह पहले जमीन का रेट 3000 से 4500 रुपये स्क्वायर फीट के हिसाब से जमीन थी ।लेकिन अब इन्ही जमीनों को कोई 1000 स्क्वायर फीट में भी खरीदने को तैयार नही है। जमीन खरीदारों के मन मे डर बैठ गया कि कहीं उनका रुपया डूब न जाए। इस लिए लोगों ने अपने हाथ पीछे खींच लिए है।

अवैध कालोनाइजरों ने मामला ठंडा होने तक बंद किया धंधा
अयोध्या में अवैध प्रॉपर्टी डीलरों ने बेशकीमती जमीनों को काश्तकारों से एग्रीमेंट करा कर कम दाम में खरीदा और ज्यादा में बेचकर मालामाल हो गए । उनका रहन- सहन कुछ ही सालों में बदल गया। विकास प्राधिकरण भी मानता है कि पिछले 20 वर्षों में कई दर्जन कालोनियां बनी। लेकिन किसी डीलर का रजिस्ट्रेशन तक नही है। मामला गर्म होने के बाद सभी ने आने ग्रहकों को कुछ दिन बाद बात करने को कहा है। जिन लोगों ने जमीन का मोटा बयाना ले रखा है वे घर से बाहर चले गए है। सभी डीलर मामला ठंडा होने के इंतजार में है सभी को विश्वास है कुछ दिन बाद चीजें सामान्य हो जाएंगी।

अवैध प्रॉपर्टी डीलरों ने राजस्व को लगाया करोड़ों का चूना
अवैध प्रॉपर्टी डीलरों ने दो दशक से जिले में राजस्व का करोड़ों का चूना लगाया। सूत्रों के मुताबिक रुपए का लेन- देन कागजों में कम दिखाया गया। किसी ने भी कॉलोनी का लेआउट पास करने के लिए एप्लीकेशन तक नही दिया।  जिससे करोड़ों के राजस्व का चूना दर्जनों अवैध प्रापर्टी डीलरों ने लगाया है। फिलहाल शिकंजे में अभी छोटी मछलियों को फंसाया गया है। बड़ी मछलियां निश्चिंत हैं कि उनका कुछ नही होगा। क्योकि लोगों का मानना है जांच में उनके अपने कहीं न कहीं होंगे जरूर। इस लिए प्राधिकरण भी फूंक-फूंक कर कदम आगे बढ़ा रहा है।

स्पा सेंटर में युवती से मसाज करवा रहे दारोगा, सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ वीडियो

PREV

उत्तर प्रदेश में हो रही राजनीतिक हलचल, प्रशासनिक फैसले, धार्मिक स्थल अपडेट्स, अपराध और रोजगार समाचार सबसे पहले पाएं। वाराणसी, लखनऊ, नोएडा से लेकर गांव-कस्बों की हर रिपोर्ट के लिए UP News in Hindi सेक्शन देखें — भरोसेमंद और तेज़ अपडेट्स सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

अय्याशी में डूबी बीवी ने Valentine Week में पति को मार डाला, 2 दिन तक लाश के साथ की हद पार
UP Digital Infrastructure: AM ग्रुप संग 1GW AI हब का MoU, UP बनेगा AI पावरहाउस