लापरवाह 19 शिक्षकों पर गिरी गाज, विभागीय आदेश का भी इन पर नहीं पड़ रहा था कोई फर्क

Published : May 05, 2022, 11:27 AM IST
लापरवाह 19 शिक्षकों पर गिरी गाज, विभागीय आदेश का भी इन पर नहीं पड़ रहा था कोई फर्क

सार

सीतापुर में लापरवाही बरतने वाले 19 शिक्षकों की सेवाओं को समाप्त कर दिया गया है। इन शिक्षकों को विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किया गया था। हालांकि उनकी ओर से नोटिस का भी जवाब नहीं दिया गया। जिसके बाद यह फैसला लिया गया है। 

सीतापुर: बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों में 19 शिक्षक ऐसे है जो नियुक्ति के बाद से ही लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। इन शिक्षकों को लेकर कई बार विभाग की ओर से नोटिस भी जारी की गई है। हालांकि उनकी ओर से नोटिस को लेकर कोई भी जवाब नहीं दिया गया। इतना ही नहीं अभी तक उनके द्वारा उपस्थिति भी दर्ज नहीं करवाई गई है। जिसके बाद माना जा रहा है कि विद्यालय में उपस्थिति न दर्ज कराने वाले इन शिक्षकों पर लापरवाही भारी पड़ गई है। विभाग की ओर से बिना सूचना के लंबे समय तक गायब रहने वाले इन शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। 

इन शिक्षकों की सेवा की गई समाप्त
प्राथमिक विद्यालय मदनापुर की संगीता सिंह
मूसेपुर की अंजू आर्य
सिकरी के अंकित शुक्ला
रैंघटा के सुबोध कुमार
रंगवा की हिना परवीन
पतवारा के विकास मिश्रा
मोहिद्दीनपुर के उदय शंकर यादव
गंगापुर द्वितीय की सीमा देवी
बालपुर की लीना शुक्ला
कटेसर की अंकिता शर्मा
झरिया के राम कुमार त्रिपाठी
चांदपुर के शंबुल शकील
भवानीपुर की ऋचा त्रिपाठी
मूरतपुर के विमल सिंह
दतूनी के ज्ञानेश कुमार
बोहरा प्रथम के अरविंद कुमार
कमियापुर की शशि भार्गव
भज्जूपुर चौड़िया की नीतू सिंह
जूनियर हाईस्कूल कुंवरपुर चेलेताली की शिल्पी जैन

कई बार दिए गए थे रिमाइंडर 
मामले को लेकर बीएसए अजीत कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह सभी शिक्षक लंबे समय से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित चल रहे थे। गौर करने वाले बात है कि कोई चार वर्षों से तो कोई तीन वर्षों से नदारद चल रहा है। बावजूद इसके इन सभी लोगों को अनुपस्थिति के संबंध में साक्ष्य देने के लिए अवसर भी दिया गया था। हालांकि इसका भी संज्ञान नहीं लिया गया। जिसके बाद जिन शिक्षकों की ओर से मामले में स्पष्टीकरण तक नहीं दिया गया उन पर कार्रवाई की गई है। सेवाओं में हीलाहवाली और विभागीय आदेश की अनदेखी कर जवाब तक न देने वाले शिक्षकों की सेवाओं को समाप्त करने का फैसला लिया गया है। 

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