मोदी के संसदीय क्षेत्र में प्रियंका: मासूम छात्रों ने CAA के खिलाफ उठाई आवाज, मुझे उन पर गर्व

Published : Jan 10, 2020, 12:51 PM ISTUpdated : Jan 10, 2020, 03:07 PM IST
मोदी के संसदीय क्षेत्र में प्रियंका: मासूम छात्रों ने CAA के खिलाफ उठाई आवाज, मुझे उन पर गर्व

सार

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचीं प्रियंका गांधी ने कहा, नागरिकता कानून संविधान और देश को तोड़ने वाला है। बीएचयू के छात्र उसके खिलाफ खड़े हुए, मैं उनकी आभारी हूं। मुझे इन पर गर्व है। शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया। मासूम बच्चों पर गलत धाराएं लगाई। 15 दिन तक जेल में रखा। पीड़ित बच्चे यूनिवर्सिटी के छात्र हैं न कि दंगाई।

वाराणसी (Uttar Pradesh). पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचीं प्रियंका गांधी ने कहा, नागरिकता कानून संविधान और देश को तोड़ने वाला है। बीएचयू के छात्र उसके खिलाफ खड़े हुए, मैं उनकी आभारी हूं। मुझे इन पर गर्व है। शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया। मासूम बच्चों पर गलत धाराएं लगाई। 15 दिन तक जेल में रखा। पीड़ित बच्चे यूनिवर्सिटी के छात्र हैं न कि दंगाई। छात्रों ने संघर्ष किया है और करते रहेंगे। वे देश की आवाज उठा रहे हैं। मैं चंपक के पिता रवि और मां एकता से मिली। उन्होंने बताया कि डीएम और पुलिस अधिकारियों का कैसा बर्ताव था। 

प्रियंका ने आधे घंटे इस मंदिर में की पूजा 
बता दें, शुक्रवार को वाराणसी पहुंचने के बाद प्रियंका ने सबसे पहले राजघाट के रास्ते में गाड़ी रुकवाकर स्थानीय लोगों से मुलाकात की। इसके बाद वो रविदास मंदिर पहुंचीं, जहां करीब आधे घंटे तक पूजा अर्चना की। मंदिर से निकलकर प्रियंका नाव से पंचगंगा घाट स्थित श्रीमठ पहुंचीं। यहां उन्होंने सीएए हिंसा के दौरान गिरफ्तार किए गए 14 महीने की बच्ची चंपक के माता-पिता एकता और रवि से मुलाकात की। इनके अलावा मठ में बीएचयू के छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों से बातचीत की।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हुए हादसे का शिकार
पंचगंगा घाट स्थित श्रीमठ जाने के लिए जब प्रियंका नाव में सवार होने गईं तो उनके साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और अन्य पार्टी पदाधिकारी मौजूद थे। इस दौरान अजय कुमार का नाव में चढ़ते समय पैर फिसल गया और वो गंगा में गिर गए। हालांकि, मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने उन्हें तुरंत संभाल लिया।

13 दिन बाद चंपक के माता पिता जेल से आए थे बाहर
बता दें, धारा 144 प्रभावी होने के बावजूद 19 दिसंबर को बेनियाबाग के पास नागरिकता कानून के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस ने 56 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें चंपक के माता पिता एकता-रवि समेत कई लोग शामिल थे। 13 दिन बाद उन्हें जमानत मिली थी। इस दौरान 14 महीने की बच्ची चंपक रिश्तेदारों के पास रही। यह मामला मीडिया की सुर्खियों में भी रहा था।




लोकसभा चुनाव से अब तक प्रियंका का काशी का चौथा दौरा
पिछले साल 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले जनवरी में प्रियंका को कांग्रेस का महासचिव बनाया गया था। तब से उनका चौथा वाराणसी दौरा है। प्रियंका के दौरे को लेकर पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा 
प्रियंका जब रविदास मंदिर में गईं तो उस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मंदिर से दूर रखा गया, जिसका कार्यकर्ताओं ने विरोध भी किया। महिला कार्यकर्ता ने नारेबाजी करते हुए अपनी ही पार्टी के नेताओं पर आरोप लगाया कि वे उन्हें प्रियंका से मिलने नहीं दे रहे।

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