कानपुर: आजम खां के बाद एक और सपा विधायक को कोर्ट ने सुनाई सजा, सरकारी काम में बाधा डालने का लगा था आरोप

Published : Nov 12, 2022, 11:47 AM IST
कानपुर: आजम खां के बाद एक और सपा विधायक को कोर्ट ने सुनाई सजा, सरकारी काम में बाधा डालने का लगा था आरोप

सार

समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता रहे आजम खां के बाद सपा विधायक को कानपुर की एमपीएमएलए कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई है। बता दें कि विधायक के साथ दोनों पक्षों के वकीलों की उपस्थिति में कोर्ट रूम में प्रक्रिया पूरी गई।

कानपुर: समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खां के बाद पार्टी के एक और विधायक को एमपीएमएलए कोर्ट ने सजा सुनाई है। कानपुर के आर्यनगर सीट से सपा विधायक अमिताभ बाजपेई को विशेष न्यायाधीश एमपीएमएलए की कोर्ट ने 1 साल की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने अपील के लिए 20-20 हजार रुपये के दो बंधपत्रों के साथ जमानत भी मंजूर कर दी है। जिसके बाद विधायक अमिताभ बाजपेई को रिहा किया गया है। बीते 2 नवंबर को मामले की अंतिम बहस के बाद निर्णय टल गया था। वहीं कोर्ट ने फैसले की तारीख 11 नवंबर दी थी। 

वाणिज्य कर अधिकारियों के साथ हुआ था विवाद
इसके बाद बीते शुक्रवार को कोर्ट रूम में आरोपित विधायक को तलब किया गया था। वकीलों की मौजूदगी में प्रक्रिया शुरू की गई। बता दें कि आरोपित सपा विधायक अमिताभ बाजपेई का वाणिज्य कर अधिकारियों के साथ हुए विवाद के मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एमपीएमएलए कोर्ट में विचाराधीन थी। इसके बाद शुक्रवार देर शाम कोर्ट ने विधायक को एक साल की सजा सुनाई गई। बता दें कि दो अक्टूबर 2011 को वाणिज्य कर के असिस्टेंट कमिश्नर दिनेश पाल जीटी रोड मंधना के पास वाहनों की चेकिंग कर रहे थे।

11 साल से चल रहा था केस
वाहन चेकिंग के दौरान उन्होंने एक पिकअप वाहन को रोका। जिसके बाद वाहन चालक ने किसी को फोन किया और सपा विधायक अमिताभ बाजपेई समेत 40-50 लोग मौके पर पहुंच गए और चेकिंग टीम को घेर लिया। इस दौरान अमिताभ बाजपेई पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी कर्मियों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा। जिसके बाद सपा विधायक के खिलाफ बलवा और एससीएसटी के तहत बिठूर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले पर पुलिस ने विवेचना के बाद सिर्फ अमिताभ बाजपेई के खिलाफ ही चार्जशीट कोर्ट भेज दी थी। बता दें कि मुकदमे की सुनवाई पिछले 11 साल से चल रही थी। 

PREV

उत्तर प्रदेश में हो रही राजनीतिक हलचल, प्रशासनिक फैसले, धार्मिक स्थल अपडेट्स, अपराध और रोजगार समाचार सबसे पहले पाएं। वाराणसी, लखनऊ, नोएडा से लेकर गांव-कस्बों की हर रिपोर्ट के लिए UP News in Hindi सेक्शन देखें — भरोसेमंद और तेज़ अपडेट्स सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

UP Assistant Professor Re-Exam 2026: 53 केंद्रों पर नकलविहीन परीक्षा शांतिपूर्ण सम्पन्न, AI निगरानी से पारदर्शिता सुनिश्चित
Ganga Expressway 2026: 29 अप्रैल को होगा लोकार्पण, यूपी में विकास को मिलेगी नई रफ्तार