पुलिस कस्टडी में पिता की मौत, 12 साल के मासूम ने बताया आखिर उस रात चौकी में क्या हुआ

Published : Oct 16, 2019, 03:48 PM ISTUpdated : Oct 16, 2019, 04:35 PM IST
पुलिस कस्टडी में पिता की मौत, 12 साल के मासूम ने बताया आखिर उस रात चौकी में क्या हुआ

सार

यूपी के हापुड़ में पुलिस कस्टडी में हुई युवक की मौत में उसके 12 साल के बेटे का बयान सामने आया है। एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में उसने कहा, मेरे सामने पापा को मार रहे थे। मैं उनसे कहता रहा कि पापा को छोड़ दीजिए, लेकिन वो नहीं माने।

हापुड़ (Uttar Pradesh). यूपी के हापुड़ में पुलिस कस्टडी में हुई युवक की मौत में उसके 12 साल के बेटे का बयान सामने आया है। एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में उसने कहा, मेरे सामने पापा को मार रहे थे। मैं उनसे कहता रहा कि पापा को छोड़ दीजिए, लेकिन वो नहीं माने। पापा की हालत मुझसे नहीं देखी जा रही थी, मैं उन्हें पानी पिलाने उनके पास गया तो नशे में धुत पुलिसवालों ने मुझे भी थप्पड़ मारे। उनके हाथों में डंडे, सरिया और पेचकस था। 

क्या है पूरा मामला
मामला पिलखुआ कोतवाली क्षेत्र के लाखन गांव का है। यहां रहने वाले प्रदीप के परिजनों का आरोप है कि पिलखुआ पुलिस ने गाड़ी का चालान काटने के बाद उसे भरने के लिए प्रदीप को थाने बुलाया। जहां पीट पीटकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस की थर्ड डिग्री वह बर्दाश्त नहीं कर सका। बाद में अपने जुर्म को छुपाने के लिए पुलिस ने प्रदीप को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक के बेटे ने कही ये बात
प्रदीप के बेटे ने कहा, शाम करीब 4 बजे पुलिसवालों ने पापा को छिजारसी पुलिस चौकी बुलाया था। मैं भी उनके साथ गया। चौकी पहुंचते ही पुलिसवालों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। करीब चार-पांच पुलिसकर्मी थे। रात 11 बजे तक पीटते रहे। हालत खराब होने पर जीप में डालकर अस्पताल ले गए। मैं भी वहां गया। डाक्टरों ने दवाई लाने के लिए लिस्ट दी, जिसे पुलिसवालों ने मुझे थमाते हुए दवा लाने को कहा। मैंने बताया कि मेरे पास पैसा नहीं है। मैं रोते हुए पापा के पास गया तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर कहा कि मैं अब नहीं बचूंगा, मुझे बहुत दर्द हो रहा है। अपनी मां का ध्यान रखना। यह कहकर वो बेहोश हो गए और उनकी मौत हो गई। वहीं, मृतक की रजनी ने बताया कि पति को धोखे से बुलाकर पुलिस ने हत्या कर दी। अब बच्चों का क्या होगा? दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज होना चाहिए। 

पुलिस का क्या है कहना
पुलिस अधीक्षक डॉ यशवीर सिंह का कहना है, कुछ समय पहले एक महिला की जली हुई बॉडी मिली थी, जिसकी जांच चल रही थी। शक होने पर प्रदीप को बुलाया गया था, जिसकी पूछताछ के दौरान हालत बिगड़ गयी और उसकी मौत हो गयी। मामले में तीन पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया गया है।

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