हिंदू महिला की अर्थी को मुसलमानों ने दिया कंधा, 'राम नाम सत्य है' भी बोला

Published : Apr 24, 2020, 05:17 PM IST
हिंदू महिला की अर्थी को मुसलमानों ने दिया कंधा, 'राम नाम सत्य है' भी बोला

सार

कानपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक हिन्दू महिला के मौत के बाद मुस्लिम युवकों ने न सिर्फ लाश को कंधा दिया बल्कि रामनाम सत्य है भी बोला। मुस्लिम युवकों ने मानवता का शानदार उदाहरण पेश किया है। 

कानपुर(Uttar Pradesh ). देश में इन दिनों कोरोना का संकट चल रहा है। कोरोना की चैन तोड़ने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है। लोगों का घर से बाहर निकलना पूरी तरह से वर्जित है। जरूरी सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी चीजें बंद हैं। इस बीच कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जो मानवता के लिए एक मिसाल है। कानपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक हिन्दू महिला के मौत के बाद मुस्लिम युवकों ने न सिर्फ लाश को कंधा दिया बल्कि रामनाम सत्य है भी बोला। मुस्लिम युवकों ने मानवता का शानदार उदाहरण पेश किया है। 

कानपुर का बाबूपुरवा इलाका हॉटस्पॉट घोषित किया गया है। इसी इलाके में सुखदेवी(90) अपने बेटी और दामाद के साथ रहती थीं। काफी दिनों से वह बीमार थीं। मंगलवार रात अचानक उनका निधन हो गया। निधन की सूचना सभी करीबियों व रिश्तेदारों के दे दी गई। लेकिन रिश्तेदारों को जानकारी देने के बाद भी कोई इसलिए नहीं आ सका क्योंकि ये एरिया रेडजोन घोषित है। यहां किसी को आने जाने के लिए पाबंदी है। घर में दामाद और अन्य को मिलाकर कुल तीन पुरुष ही थे। अब समस्या ये खड़ी हुई हुई कि सुखदेवी को कंधा कौन देगा।

मुस्लिम युवकों ने दिया लाश को कंधा 
सुखदेवी की मौत की जानकारी जब पास मुहल्ले में रहने वाले मुस्लिम युवकों को हुई तो लगभग एक दर्जन लोग सुखदेवी के घर पहुंचे। सभी सुखदेवी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए और शव को कंधा दिया।  मुस्लिम युवकों ने भी हिन्दू धर्म संस्कार के अनुरूप राम नाम सत्य है बोला। जिसके बाद पास के ही बाकरगंज कब्रिस्तान में सुखदेवी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। 

सोशल डिस्टेंसिंग का किया पालन सुखदेवी के दामाद भरत के अनुसार सुखदेवी की शव यात्रा में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया गया। लोगों ने एक दूसरे से सोशल डिस्टेंसिंग के लिए जरूरी दूरी बनाकर शव को  पहुंचाया। उसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। 

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