अयोध्या में दीपोत्सव पर फिर रचेगा नया इतिहास, 37 घाटों पर सजेंगे 17 लाख दीपक, रेत पर बनेंगे रामायण के चरित्र

Published : Oct 22, 2022, 10:13 AM IST
अयोध्या में दीपोत्सव पर फिर रचेगा नया इतिहास, 37 घाटों पर सजेंगे 17 लाख दीपक, रेत पर बनेंगे रामायण के चरित्र

सार

रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव को भव्य बनाने की सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। बता दें कि 22 अक्टूबर यानि की आज दोपहर तक सभी घाटों पर 17 लाख दीप सज जाएंगे। इसके अलावा सरयू घाट पर रेत से रामायण के चरित्रों को भी उकेरा जाएगा। 

अयोध्या: उत्तर प्रदेश की रामनगरी अयोध्या एक फिर नया इतिहास रचने के लिए तैयार है। दीपोत्सव के जरिए दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए की गई सभी तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। 23 अक्टूबर को होने वाले 6ठे दीपोत्सव के लिए राम की पैड़ी पर बीते शुक्रवार से दीप लगाने का काम शुरू हो गया है। हर कोई इस दीपोत्सव को दिव्य और भव्य बनाने में जुटा हुआ है। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दीपोत्सव में अयोध्या आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी इस दौरान करीब तीन घंटे अयोध्या में रुकेंगे। अयोध्या के सौंदर्यीकरण में कोई कमी ना रह जाए इसके लिए प्रशासन ने युद्धस्तर पर तैयारियां की हुई हैं। इसके अलावा सरयू तट पर रेत पर रामायण कालीन सुंदर आकृतियां भी उकेरी जा रही हैं।

घाटों पर दीपक सजाने काम हुआ शुरू
दीपोत्सव पर्व को यादगार बनाने के लिए 22 अक्टूबर यानि की आज दोपहर तक सभी घाटों पर 17 लाख दीप सज जाएंगे। दीपोत्सव के नोडल अधिकारी प्रो. अजय प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी लोग एकजुट होकर दीपोत्सव को ऐतिहासिक और भव्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं। विश्वविद्यालय के स्वयंसेवकों ने 37 घाटों पर दीपों को सजाने का काम शुरू कर दिया गया है। बता दें कि आज ही गिनीज बुक की टीम लगाए गए दीपों की गणना करेगी। घाट समन्वयकों और ग्रुप लीडर की उपस्थिति में यह काम किया जाएगा। नोडल अधिकारी प्रो. अजय प्रताप सिंह के अनुसार, यूपी सरकार द्वारा दिए गए 15 लाख दीपों को जलाने का लक्ष्य बहुत आसानी से पूरा हो जाएगा। 

रेत पर बनाई जाएंगी रामायण की आकृतियां
रेत पर बनाए जा रहे आकृतियों के बारे में रूपेश सिंह ने बताया कि उन्होंने यहां रामायण सीरीज के आधार पर काम किया है। इस दौरान सबसे पहले पीएम मोदी और फिर उसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ की आकृति बनाई जाएगी। इसके बाद भगवान राम द्वारा लंका विजय के बाद अयोध्या आगमन के समय से विभिन्न प्रसंगों को भी दिखाया जाएगा। रामायण की आकृतियों के क्रम में सबसे पहले भगवान राम के पुष्पक विमान से आगमन, इसके बाद केवट अनुराग का प्रसंग फिर भरत मिलाप और चरण वंदना के माध्यम से इसे जीवंत किया जाएगा। इस दौरान भगवान राम के अयोध्या आगमन पर प्रजा की महिलाओं द्वारा ढिंढोरा पीटवाना, माताओं द्वारा भगवान राम की आरती उतारने के बाद राम दरबार की झांकी और अयोध्या में दीपोत्सव के प्रसंगों का चित्रण किया जाएगा।

पीएम मोदी भी व्यक्तिगत रूप से लेंगे हिस्सा 
बता दें कि योगी सरकार दीपोत्सव कार्यक्रम को भव्य बनाने की सारी तैयारियां कर चुकी है। इस दौरान यहां से निकलने वाली पारंपरिक शोभायात्रा की तैयारी तेजी से हो रही है। दीपोत्सव के मौके पर साकेत महाविद्यालय से शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए नया घाट चौराहे तक जाएगी। पिछली बार जहां 11 झांकिया निकाली गई थी। वहीं इस बार 16 झांकियां निकाली जाएंगी। इस झांकियों में राम जन्मभूमि मॉडल, काशी कॉरिडोर, विजन 2047, 1090 तथा भगवान राम के जन्मकाल से लेकर राज्याभिषेक तक की यात्रा रहेगी। इस वर्ष दीपोत्सव का छठा संस्करण आयोजित किया जा रहा है। पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस समारोह में व्यक्तिगत रूप से हिस्सा लेंगे।

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