हमारी दोस्ती भी आजकल क़मीज़ों जैसी हो गई है… कभी सिलेक्शन का फ़ैसला स्टाइल से होता है, कभी मौक़े के हिसाब से। पर जो पुरानी, सादी, सफ़ेद क़मीज़ है... दिल उसी की तरफ़ खिंचता है। "सफ़ेद क़मीज़ें" एक नज़्म-नुमा-आइटम है...रिश्तों के बदलते मिज़ाज पर। जब दोस्ती भी एक लुक-बुक बन जाए, तो ज़रा रुक कर देखिए… कहीं वो दो सच्चे, सफ़ेद दोस्त अब भी वहीं हैं — जिन्हें आप कभी नहीं लौटाते। AsiaNet News Hindi और Vineet KKN 'Panchhi' के साथ एक और News Se Break, जहाँ वॉर्डरोब नहीं...वफ़ादारी की बात होती है।