
भोपाल: किसी भी राज्य में चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद आचार संहिता लगा दी जाती है। महाराष्ट्र और हरियाणा में आज चुनाव आयोग द्वारा डेट्स की घोषणा के बाद वहां आचार संहिता लागू हो गई है। बात अगर चुनाव की करें तो इसे लेकर 27 नवंबर को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा और प्रत्याशी 4 अक्टूबर तक नामांकन भर सकते हैं।
क्या है आचार संहिता?
आचार संहिता के बारे में सबने सुना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर ये होता क्या है? ये वो निर्देश होते हैं जिनका पालन चुनाव खत्म होने तक हर पार्टी और उम्मीदवार को करना पड़ता है। अगर कोई इनका पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्यवाई की जाती है। कुछ उम्मीदवारों को तो चुनाव लड़ने से रोक दिया जाता है। और कई मामलों में उन्हें जेल की हवा तक खानी पड़ सकती है। इस दौरान कई अलग-अलग तरह के नियम लागू होते हैं।
सामान्य नियम :
- कोई भी दल ऐसा काम न करे, जिससे जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच मतभेद बढ़े या घृणा फैले।
-राजनीतिक दलों की आलोचना कार्यक्रम व नीतियों तक सीमित हो, न ही व्यक्तिगत।
- धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जाना चाहिए।
-मत पाने के लिए भ्रष्ट आचरण का उपयोग न करें। जैसे-रिश्वत देना, मतदाताओं को परेशान करना आदि।
-किसी की अनुमति के बिना उसकी दीवार, अहाते या भूमि का उपयोग न करें।
- किसी दल की सभा या जुलूस में बाधा न डालें।
- राजनीतिक दल ऐसी कोई भी अपील जारी नहीं करेंगे, जिससे किसी की धार्मिक या जातीय भावनाएं आहत होती हों।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों के लिए वर्जित चीजें:
- शासकीय दौरा (अपवाद को छोड़कर)
-विवेकाधीन निधि से अनुदान या स्वीकृति
-परियोजना या योजना की आधारशिला
-सड़क निर्माण या पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन
अन्य महत्वपूर्ण चीजें:
चुनाव की घोषणा हो जाने से परिणामों की घोषणा तक सभाओं और वाहनों में लगने वाले लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए जाते हैं। इसके मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में सुबह 6 से रात 11 बजे तक और शहरी क्षेत्र में सुबह 6 से रात 10 बजे तक इनके उपयोग की अनुमति नहीं होती।
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