
नई दिल्ली: आईएनएक्स मीडिया केस में पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम को तिहाड़ जेल भेजा गया है। वहां वो कोठरी नंबर 7 में रह रहे हैं। हालांकि, उन्हें अन्य कैदियों से थोड़ी ज्यादा सुविधा दी गई। लेकिन क्या आप जानते हैं तिहाड़ जेल में कैदियों की जिंदगी कैसे बीतती है?आपको बता दें कि तिहाड़ जेल में सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक कैदियों का एक रूटीन फिक्स किया गया है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कैसे कटता है तिहाड़ में कैदियों का समय...
-सभी कैदियों को सुबह 5 बजे उठा दिया जाता है। इसके बाद साढ़े पांच में उनकी खुले में गिनती की जाती है।
-इसके आधे घंटे के बाद, यानी छह बजे सभी कैदी प्रार्थना करते हैं और फिर उनके बीच चाय बांटी जाती है।
-साढ़े 6 में उन कैदियों को, जिनकी कोर्ट में सुनवाई है, उन्हें जेल से कोर्ट ले जाया जाता है।
-7 बजे कैदियों को उनके परिजनों से फोन पर बात करवाई जाती है।
-साढ़े 7 में कैदी बैरक, जेल परिसर और अपने कपड़ों की साफ-सफाई करते हैं।
-8 से 11 कैदियों के पढ़ने का समय होता है। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, पंजाबी और बांग्ला भाषा में कक्षा चलती है। इसी बीच 9 बजे से कैदियों को मिलने आए परिजनों से मुलाकात भी करवाई जाती है।
-साढ़े 11 में उनके बीच खाने का वितरण किया जाता है।
-12 से 3 बजे तक कैदियों को गिनती के बाद वापस जेल में बंद कर दिया जाता है।
-3 बजे कैदियों के बीच चाय बांटी जाती है।
-4 बजे कैदियों को कानूनी सलाह दी जाती है।
-शाम को 4 से 6 बजे तक इनके खेलने का समय होता है। उन्हें टीवी भी इसी समय दिखाई जाती है।
-6 बजे उनके बीच खाने का वितरण होता है।
-साढ़े 6 में शाम की प्रार्थना होती है।
-7 बजे एक बार फिर कैदियों की गिनती की जाती है।
-8 बजे तक सभी को वापस बैरक में बंद कर दिया जाता है।
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