
अजरबैजान: भारत में तो आपको हर जगह मस्जिद दिख जाएंगे। भारत में हिंदुओं की जनसंख्या सबसे ज्यादा है। इसके बावजूद यहां हर धर्म के लोगों को बराबर अधिकार दिए गए हैं। लेकिन ऐसे कई इस्लामिक देश हैं, जहां हिंदुओं को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। हम जिस मंदिर की बात कर रहे हैं वो इस्लामिक देश में बना है। लेकिन वहां कई सालों से कोई भी भक्त दर्शन करने नहीं पहुंचा है।
माता भगवती है ये मंदिर
हम बात कर रहे हैं रूस और ईरान के बीच में स्थित मुस्लिम देश अजरबैजान में बने एक हिन्दू मंदिर की। यह मंदिर अजरबैजान देश के सुराखानी नामक स्थान पर बना है। यह मां भगवती का मंदिर है, जिसके बारे में यह कहा जाता है कि यह कोई सामान्य मंदिर नहीं है बल्कि मां भगवती का प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर को यहां के लोग ‘आतिशगाह अथवा टेंपल ऑफ फायर’ के नाम से जानते हैं। यह मंदिर काफी अलग है, भारत के अन्य मंदिरों में आपको इस मंदिर से अलग नज़ारा दिखेगा।
वीरान रहता है ये मंदिर
दरअसल मां भगवती के इस मंदिर को आप अमूमन वीरान ही पाएंगे। यहां ना तो कभी भक्तों का तांता लगता है ना ही मां के नाम के जयकारे लगते हैं। यहां कोई नहीं आता, यह मंदिर खाली ही रहता है। 300 साल से ज्यादा पुराना ये मंदिर अपने भक्तों के लिए तरसता है।
निरंतर जलती ज्योत
कहा जाता है कि इस मंदिर में कोई भी नहीं आता, फिर भी यहां मां के नाम की ज्योत निरंतर लगती रहती है। यह ज्योत कैसे जल रही है यह कोई नहीं जानता। लेकिन मान्यता है कि हो ना हो यह ज्योत मां भगवती का ही रूप है। मां इस मंदिर में स्वयं ज्योत के रूप में विराजमान हैं। बताया जाता है कि इस मंदिर में एक त्रिशूल भी मौजूद है, जो काफी पवित्र माना जाता है।
हिंदुस्तानी कारोबारियों ने बनवाया
बात अगर मंदिर के निर्माण की करें तो कुछ साल पहले हिंदुस्तान के कारोबारी रूस और ईरान के बीच पड़ने वाले इस देश के इसी स्थान से होकर गुजरे थे। कहा जाता है कि इन्हीं लोगों ने मां भगवती का यह मंदिर बनवाया था।
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