
हटके डेस्क। बांग्लादेश अविभाजित भारत का ही हिस्सा था। आजादी के बाद यह पाकिस्तान में चला गया और बाद में एक स्वतंत्र देश के रूप में इसका अभ्युदय हुआ। भारत के साथ इस देश के संबंध अच्छे रहे हैं। भूलना नहीं होगा कि बांग्लदेश की मुक्ति और उसके निर्माण में भारत की एक बड़ी भूमिका रही है। लेकिन कई बार कुछ घटनाओं की वजह से दोनों देशों की सीमा पर तनाव उभर जाता है। अभी हाल ही में बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (बीजीबी) ने इंडियन पैरा मिलिट्री के एक गार्ड की हत्या कर दी, जिसकी वजह बॉर्डर पर मछली पकड़ने से जुड़ा एक विवाद बताया गया। बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड ने पश्चिम बंगाल के कुछ मछुआरों को पकड़ लिया था, जिनके बारे में कहा गया था कि वे मछली पकड़ने के लिए बांग्लादेश की सीमा में चले गए थे। बाद में उनमें से दो को छोड़ा गया। वैसे, आम तौर पर बॉर्डर पर हालात सामान्य ही रहते हैं, जानते हैं इस पड़ोसी देश में सड़क मार्ग से आने-जाने के क्या साधन हैं।
1. कोलकाता-अगरतला रोड लिंक
साल 1980 में भारत और बांग्लादेश की सरकारों ने उत्तर-पूर्वी राज्यों के जरिए बांग्लादेश के हाईवेज पर कमर्शियल वाहनों के आवागमन के लिए एक समझौता किया। इसे बांग्ला कॉरिडोर का नाम दिया गया। 2006 में कोलकाता और अगरतला के बीच बस सर्विस भी शुरू की गई। अगरतला से बांग्लादेश पहुंचना बहुत आसान है। यह बस जिस रूट से जाती थी, वह काफी लंबा था। 2 जून, 2015 को कोलकाता और अगरतला के बीच एक दूसरी बस सेवा शुरू की गई, जिससे दूरी महज 500 किलोमीटर रह गई। सामान्य सेवा 7 जून, 2015 को शुरू हुई। इस मौके पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी मौजूद थीं।
2. कोलकाता-ढाका बस सर्विस
19 जून, 1999 को कोलकाता और ढाका के बीच सीधी बस सेवा शुरू गई थी। यह सेवा दिल्ली-लाहौर बस सेवा की शुरुआत के कुछ ही महीने के बाद की गई थी। इस बस सेवा की शुरुआत से दोनों देशों के लोगों को काफी सुविधा हुई। बाद में दिल्ली-लाहौर बस सेवा तो रुक गई, लेकिन कोलकाता-ढाका बस सेवा लगातार जारी रही। यह वेस्ट बंगाल सरफेस ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन और बांग्लादेश रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन द्वारा मिल कर ऑपरेट की जाती है।
3. ढाका-अगरतला बस सर्विस
कई सालों तक चली बातचीत और समझौते के बाद 11 जुलाई, 2001 को ढाका-अगरतला बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया। त्रिपुरा में बड़ी संख्या में बंगाली लोग रहते हैं और उनके बांग्लादेश से संबंध भी हैं। इस सेवा के शुरू होने से त्रिपुरा की राजधानी सीधे बांग्लादेश की राजधानी से जुड़ गई। इस बस सेवा के जरिए विदेशी लोग भी अगरतला से सीधे ढाका जा सकते थे। इस यात्रा में महज 4 घंटे का समय लगता है।
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