
हटके डेस्क। मलेशिया के केलनतान स्टेट के गुआ मुसांग इलाके से हमेशा हाथियों के मारे जाने की खबरें आया करती थीं। वहां हाथियों के शिकारी लंबे समय से सक्रिय थे। ये पहले हाथियों को गोली मार देते थे। फिर बेहरमी से उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर उनकी हड्डियां और बेशकीमती दांत बेच देते थे। हर हफ्ते ऐसी घटनाएं सामने आती थीं। इसके बाद अधिकारियों ने इन शिकारियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। जिस इलाके में इस तरह की घटनाएं होती थीं, वहां के डिपार्टमेंट ऑफ वाइल्डलाइफ एंड नेशनल पार्क के अफसरों ने शिकारियों को पकड़ने के लिए पूरी घेराबंदी कर ली। यह काम बेहद गोपनीय तरीके से किया गया।
दबोचा गया शिकारी
पिछले बुधवार, 13 नवंबर को शिकारी ने हाथियों को घूमता देख उन पर गोली चलाई। गोली एक हाथी के माथे में लगी और वह जमीन पर गिर कर छटपटाने लगा। इसके बाद शिकारी अपने साथियों के साथ हाथी के पास आया, ताकि उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर सके। लेकिन वह दबोच लिया गया। हाथियों का वह शिकारी मलेशिया की सबसे पुराने कबीलाई समुदाय का था, जिसे ओरांग अस्ली कहते हैं। इनका काम ही हाथियों और जंगली जानवरों का शिकार कर उन्हें तस्करों को बेचना है।
स्थानीय लोगों ने दी थी अधिकारियों को सूचना
शिकारी के पकड़े जाने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ वाइल्डलाइफ एंड पब्लिक पार्क के अधिकारियों ने फेसबुक पर एक पोस्ट डाल कर बताया कि इस शिकारी के बारे में उन्हें स्थानीय लोगों ने सूचना दी। स्थानीय लोगों का कहना था कि जब उन्होंने शिकारियों को हाथियों को मारने से मना किया तो उन्होंने उन्हें धमकी दी। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को बताया कि वे कब आते हैं।
पुलिस के हवाले किया गया शिकारी
शिकारी को मौके पर दबोचने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया गया। इसके पहले उसके घर की तलाशी ली गई। वहां अधिकारियों को हाथियों के बेशकीमती दांत, एक बंदूक, मांस काटने के कई तरह के औजार और बंदूक की गोलियां मिलीं। इन सबको जब्त कर लिया गया। लोगों का कहना था कि पिछले दो महीने से हाथियों के शिकार की घटनाएं काफी बढ़ गई थीं। उनका कहना था कि शिकारियों का एक पूरा गिरोह है, जो लंबे समय से इस क्राइम में लगा है। हाथियों और जंगली जानवरों के अंगों का व्यापार करने वाले तस्करों से इन शिकारियों के संबंध हैं।
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