
हटके डेस्क। अमेरिका के ओकलाहोमा के रहने वाले एक शख्स की कहानी अजीबोगरीब किस्म की है। इसी साल अगस्त महीने में वह बाइक से कहीं जा रहा था। उसकी बाइक की आगे की लाइट नहीं थी। जब ट्रैफिक पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो वह भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ा। जब उसके बैग की तलाशी ली गई तो उसमें सफेद पाउडर मिला। पुलिस ने कहा कि वह सफेद चीज कोकीन है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद कॉडी ग्रेग नाम के इस शख्स को अदालत में पेश किया गया। उसके पास से 35 ग्राम सफेद सफेद पाउडर बरामद हुआ था। ड्रग तस्करी के आरोप में उसे 15 साल की जेल की सजा सुनाई गई। इसके बाद ग्रेग को ओकलाहोमा काउंटी जेल भेज दिया गया।
सैंपल भेजा गया लैब में
इसके बाद उसके पास से मिले सफेद पाउडर का सैंपल जांच के लिए लैब में भेजा गया। वहां जांच के बाद पता चला कि वह सफेद पाउडर कोकीन नहीं, बल्कि दूध था। जब यह रिपोर्ट जज के पास भेजी गई तो उस व्यक्ति को निर्दोष मानते हुए रिहा कर दिया गया, लेकिन इसके बाद काफी लोगों ने न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
पहले क्यों नहीं की गई जांच
लोगों का कहना था कि ग्रेग को सजा सुनाए जाने से पहले उस पाउडर की जांच क्यों नहीं करवाई गई। जांच किए बिना किसी को ड्रग तस्कर बताकर सजा दिया जाना न्यायिक प्रक्रिया का मजाक है। इससे लोगों का भरोसा अदालतों पर नहीं रह जाएगा। वहीं, कई लोगों ने यह भी कहा कि ग्रेग ने सच्चाई अदालत को क्यों नहीं बताई।
ग्रेग ने कहा, घबरा गया था
इस वाकये को लेकर ग्रेग ने कहा कि जब उसे गिरफ्तार किया गया तो वह घबरा गया था। पहले से ही वह घबराया हुआ था। तभी वह ट्रैफिक पुलिस से बचने के लिए भागने लगा। उसकी बाइक की लाइट नहीं थी और जुर्माना देने के पैसे भी उसके पास नहीं थे। लेकिन जब पकड़ कर उसे अदालत में पेश किया गया तो उसके होशो-हवास गुम हो गए और वह कुछ नहीं कह सका। बहरहाल, अब ग्रेग जेल से छूट कर खुश है।
वायरल न्यूज(Viral News Updates): Read latest trending news in India and across the world. Get updated with Viral news in Hindi at Asianet Hindi News