'मैंने हिंदू अफसर को जिंदा जलाया'..थाने में खुलेआम कबूलनामा, बांग्लादेश का VIRAL VIDEO देख उबला खून

Published : Jan 03, 2026, 04:21 PM IST

Bangladesh Hindu Violence Viral Video: बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक वायरल वीडियो में छात्र नेता थाने में खुलेआम कबूल कर रहा कि हिंदू पुलिस अधिकारी को जिंदा जला दिया, लेकिन गिरफ्तारी नहीं होती है। 

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हिंदू सब-इंस्पेक्टर को जिंदा जलाने का कबूलनामा

बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक खौफनाक वीडियो ने देश ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। वीडियो में एक युवक अपने समर्थकों के साथ सीधे पुलिस थाने में घुसकर अगस्त 2024 के हिंसक प्रदर्शनों के दौरान एक हिंदू सब-इंस्पेक्टर को जिंदा जलाने की जिम्मेदारी खुलेआम स्वीकार करता दिख रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि फुटेज में उसकी तुरंत गिरफ्तारी नजर नहीं आती।

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'मैंने हिंदू पुलिस अधिकारी को जिंदा जलाया' वीडियो में दावा

वायरल क्लिप में आरोपी खुद को छात्र आंदोलन का पूर्व नेता बताता है और पुलिस से कहता है, 'मुझे नहीं पहचाना? मैंने ही हिंदू सब-इंस्पेक्टर संतोष को जिंदा जलाया था। मैंने बनियाचोंग पुलिस स्टेशन को भी आग लगाई।' यह बयान अगस्त 2024 के उस दौर से जुड़ा है, जब देशभर में हिंसा के बीच हबीगंज जिले में हिंदू सब-इंस्पेक्टर संतोष की मौत हुई थी और कई पुलिस थानों और सरकारी इमारतों पर हमले हुए थे। सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि आरोपी भीड़ के साथ आया और बेखौफ होकर बयान देता रहा।

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गिरफ्तारी न होने पर भड़के लोग

वीडियो के सामने आते ही ऑनलाइन गुस्सा फूट पड़ा। कई यूजर्स का आरोप है कि खुले कबूलनामे के बावजूद गिरफ्तारी न होना राजनीतिक संरक्षण की ओर इशारा करता है। कुछ पोस्ट्स में यहां तक दावा किया गया कि आरोपी को नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस का समर्थन प्राप्त है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यक संगठनों ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई और सफाई की मांग की है।

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हिंदू कारोबारी को पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश

इसी बीच, शरीयतपुर जिले से एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। प्रमुख अखबार प्रोथोम आलो के मुताबिक, नए साल की पूर्व संध्या पर दमूद्या इलाके में 50 साल के खोकन चंद्र दास पर हमला हुआ। दुकान बंद कर घर लौटते समय बदमाशों ने उनका ऑटो रोका, तेज हथियारों से हमला किया, पेट्रोल डाला और आग लगा दी। आग से बचने के लिए खोकन दास सड़क किनारे तालाब में कूद गए। शोर सुनकर स्थानीय लोग पहुंचे, तो हमलावर फरार हो गए। पहले उन्हें शरीयतपुर सदर अस्पताल ले जाया गया, फिर हालत बिगड़ने पर ढाका रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उनके पेट, चेहरे, सिर और हाथों पर गंभीर चोटें और जलने के घाव हैं। उनकी पत्नी सीमा दास ने कहा, 'हमारा किसी से कोई विवाद नहीं था। मेरे पति दो हमलावरों को पहचानते थे, इसलिए उन्होंने जान लेने की कोशिश की।'

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संदिग्धों की पहचान कर ली गई है- पुलिस

दमूद्या थाने के ओसी मोहम्मद रबीउल हक ने बताया कि रब्बी और सोहाग नाम के दो स्थानीय संदिग्धों की पहचान हो चुकी है और गिरफ्तारी की कोशिश जारी है। पिछले हफ्तों में मायमेनसिंह में कथित ईशनिंदा के आरोप पर दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या और राजबाड़ी में अमृत मंडल की लिंचिंग जैसी घटनाओं ने अल्पसंख्यकों के बीच डर और असुरक्षा को और गहरा किया है।

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