ब्रिक्स की मीटिंग में बोले जयशंकर-देशों की अखंडता का होता है सम्मान, चीन बोला-मुश्किल घड़ी में हम भारत के साथ

Published : Jun 01, 2021, 10:40 AM ISTUpdated : Jun 01, 2021, 06:40 PM IST
ब्रिक्स की मीटिंग में बोले जयशंकर-देशों की अखंडता का होता है सम्मान, चीन बोला-मुश्किल घड़ी में हम भारत के साथ

सार

दुनिया में कोरोना संक्रमण से निपटने और आतंकवाद जैसी चुनौतियों का सामना करने ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्री ने मीटिंग की है। यह मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई। भारत ब्रिक्स देशों का अध्यक्ष है। इस संगठन में  ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका देश शामिल हैं। 

नई दिल्ली. ब्रिक्स देशों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारत के विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने कहा कि ब्रिक्स देश अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर आधारित निष्पक्ष, न्यायसंगत प्रणाली के लिए प्रयासरत है। यह सभी राज्यों की संप्रभु समानता को मान्यता देता है ताकि सबकी क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान हो सके। उन्होंने कहा कि भारत ने ब्रिक्स की 15वीं वर्षगांठ पर अध्यक्षता ग्रहण की है। 2006 में न्यूयॉर्क में पहली बार हमारे विदेश मंत्रियों की मुलाकात से हम बहुत आगे निकल गए हैं। हमारे समूह का मार्गदर्शन करने वाले सिद्धांत वर्षों से लगातार बने हुए हैं।

ब्रिक्स की बैठक में भाग लेने वाले सभी विदेश मंत्रियों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) ने बैठक समाप्त होने के बाद सामूहिक ‘नमस्ते’ किया। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मीटिंग में कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर के गंभीर असर के चलते भारत के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हैं। इस मुश्किल घड़ी में चीन एकजुटता के साथ भारत और सभी ब्रिक्स देशों के साथ खड़ा है। जहां तक भारत की जरूरतों की बात है तो चीन समेत सभी ब्रिक्स साझेदार देश हमेशा ही सहायता के लिए तैयार हैं। हम पूरी मदद करेंगे और भारत इस महामारी से उबरने में सफल होगा। 

चीन ने ब्रिक्स देशों की बैठक को बताया था बेहद महत्वपूर्ण

ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले चीन ने मंगलवार को कहा कि वह साझा चिंता के मुद्दों पर इस पांच सदस्यीय समूह के अन्य देशों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करने, एक दूसरे के रुख में तालमेल करने तथा आम-सहमति बनाने को लेकर आशान्वित है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने अपने विदेश मंत्री वांग यी की ब्राजील, रूस, भारत, चीन तथा दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स) के विदेश मंत्रियों की डिजिटल बैठक में भाग लेने की घोषणा करते हुए यहां मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि यह सम्मेलन कोविड-19 महामारी के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था को उबारने की दिशा में खास महत्व रखता है।

ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्री आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मुलाकात की है। इस मीटिंग का मकसद दुनिया में कोरोना संक्रमण की चुनौती से निपटने की तैयारियां करना रहा। इसके अलावा दुनिया में विकास की संभावनाएं तलाशने कई मुद्दे शामिल रहे। भारत ब्रिक्स देशों का अध्यक्ष है। मीटिंग में ब्राजील के विदेश मंत्री कार्लोस अल्बर्टो फ्रेंको, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लैवरोव, चीन के विदेश मंत्री वांग यी और साउथ अफ्रीका के विदेश मंत्री ग्रेस नेलेदी मेंडिसा शामिल रहे।

कोरोना से निपटना एक बड़ी चुनौती

इस समय पूरी दुनिया कोरोना संक्रमण से जूझ रही है। ब्रिक्स देशों का मकसद संयुक्त प्रयासों से इस महामारी से निपटना है। विदेश मंत्री आपसी विचार-विमर्श से महामारी से निपटने और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिशों पर चर्चा हुई

क्या है ब्रिक्स
ब्रिक्स (BRICS) उभरती राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं के एक संघ का शीर्षक है। इसमें ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका देश शामिल हैं। इन्हीं देशों के अंग्रेज़ी में नाम के पहले अक्षर B, R, I, C व S से मिलकर इस समूह का नाम रखा गया है। ब्रिक्स की स्थापना 2009 में हुई थी। 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल किए जाने से पहले इसे "ब्रिक" के नाम से जाना जाता था। 

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