5000 पेजर में 3G विस्फोटक, जानें कैसे इजरायल ने हिजबुल्लाह पर किया गुप्त हमला

Published : Sep 18, 2024, 04:50 PM ISTUpdated : Sep 18, 2024, 10:14 PM IST
hezbollah

सार

इजरायल ने हिजबुल्लाह के खिलाफ पेजर में विस्फोटक लगाकर एक भयानक हमला किया है, जिसमें 11 से अधिक लोग मारे गए और 3,000 से अधिक घायल हुए हैं। मोसाद द्वारा की गई इस योजनाबद्ध कार्रवाई में पेजर में विस्फोटक लगाकर लेबनान भेजे गए थे।

वर्ल्ड डेस्क। इजरायल ने हिजबुल्लाह (Hezbollah) के खिलाफ अब तक का सबसे भीषण हमला किया है। इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) ने इसके लिए तोप, टैंक या लड़ाकू विमान की जगह तकनीक का इस्तेमाल किया। हिजबुल्लाह के लोग इजरायल से बचने के लिए मोबाइल की जगह पेजर का इस्तेमाल करते हैं। मोसाद ने दुश्मन की इसी कमजोरी का फायदा उठाया। 5 हजार पेजर में 3 ग्राम विस्फोटक लगाकर लेबनान में सप्लाई कर दिया गया।

कई महीनों तक ये पेजर लेबनान भेजे गए। ये हिजबुल्लाह के लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाते रहे। मंगलवार को इनमें अचानक धमाका होने लगा। एक मैसेज आया और बीप..बीप...बीप... की आवाज के साथ पेजर फटने लगे। किसी का हाथ उड़ा तो किसी की आंखें। इन धमाकों से लेबनान में 11 से अधिक लोग मारे गए और 3,000 से अधिक घायल हुए। अस्पतालों में खून की कमी हो गई है।

मोसाद ने कैसे पेजर को बनाया बम?

गोल्ड अपोलो के AR924 मॉडल के पेजर में धमाके हुए हैं। यह कॉम्पैक्ट वाटरप्रूफ डिवाइस है। इसमें रिचार्जेबल लिथियम बैटरी लगी है। मोसाद ने पेजर की बैटरी के बगल में एक छोटा बोर्ड लगाया। इसमें विस्फोटक था। लेबनान में मंगलवार को दोपहर 3:30 बजे पेजर पर एक मैसेज आया। इसने विस्फोटक को एक्टिवेट कर दिया। विस्फोटक के साथ ही पेजर की बैटरी में भी धमाका हुआ, जिससे उसे इस्तेमाल करने वाले लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

मोसाद ने बहुत सावधानी से बनाई हमले की योजना

विशेषज्ञों के अनुसार मोसाद ने जिस तरह का हमला किया है इसके लिए कई महीनों से लेकर दो साल से भी ज्यादा समय तक योजना बनाने और उसपर काम करने की जरूरत होती है। मोसाद ने लेबनान को पेजर मिलने से पहले उसे हासिल किया। उसमें विस्फोटक लगाए और भेज दिया। किसी को इसका पता नहीं चला।

पेजर पर है ताइवानी कंपनी गोल्ड अपोलो का लोगो

पहले यह जानकारी आई कि जिन पेजर में धमाके हुए हैं उन्हें ताइवान की कंपनी गोल्ड अपोलो ने सप्लाई किया था। पेजर पर उसके लोगो मिले हैं। वहीं, कंपनी ने कहा कि यह हमारा प्रोडक्ट नहीं है। इसे बीएसी ने बनाया है। कंपनी के संस्थापक और अध्यक्ष ह्सू चिंग-कुआंग ने कहा, "वह प्रोडक्ट हमारा नहीं है। हम केवल ब्रांड ट्रेडमार्क ऑथराइजेशन देते हैं। इसके डिजाइन या निर्माण में हमारी कोई भागीदारी नहीं है।"

ताइवान के वित्त मंत्रालय ने कहा कि उसके रिकॉर्ड से पता चलता है कि गोल्ड अपोलो से ऐसे पेजर का "लेबनान को कोई सीधा निर्यात नहीं हुआ"। गोल्ड अपोलो के पेजर मुख्य रूप से यूरोप और उत्तरी अमेरिका को निर्यात किए जाते हैं। ऐसा हो सकता है कि ताइवान से निर्यात किए जाने के बाद इसमें छेड़छाड़ हुआ हो।

ईरान ने इजराइल पर लगाया "सामूहिक हत्या" का आरोप

ईरान ने इजराइल पर "सामूहिक हत्या" का आरोप लगाया है। इजराइल ने अभी तक इस हमले पर कोई बयान नहीं दिया है। बता दें कि पेजर में विस्फोट इजराइल द्वारा यह घोषणा करने के कुछ ही घंटों बाद हुआ कि वह हमास के 7 अक्टूबर के हमलों से शुरू हुए युद्ध का विस्तार कर हिजबुल्लाह को भी निशाना बना रहा है।

यह भी पढ़ें- पेजर बम: लेबनान में युद्ध का नया चेहरा? इस देश पर लगा घातक हथियार बनाने का आरोप

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