रूस ने पेश के दोस्ती की मिसाल, भारत को देने जा रहा बड़ा तोहफा, जानें पूरी बात

Published : Sep 12, 2024, 07:34 PM IST
Indians in Russian

सार

रूस ने यूक्रेन युद्ध में शामिल 45 भारतीयों को रिहा कर दिया है, यह भारत की कूटनीतिक जीत है। तस्करी कर इन युवकों को सेना में जबरन शामिल किया गया था।

India-Russia Relations: रूस ने अपनी सेना में शामिल 45 भारतीयों को छुट्टी दे दी है। बता दें कि सभी भारतीयों को यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध में अवैध रूप से शामिल कर लिया गया था। हालांकि, अभी भी 50 से ज्यादा लोग सेना में शामिल है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में बचे भारतीयों को बचाने का प्रयास जारी हैं।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस की यात्रा पर गए थे। जहां उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर से भारतीय सैनिकों को लेकर बात की थी। तब उन्होंने आश्वासन दिया था कि रूस उन सभी भारतीयों को आजाद कर देगा। जिन्हें गुमराह करके गलत तरीके से रूसी सेना में शामिल किया गया था। बाद में यूक्रेन में युद्ध के मैदान में जाने के लिए मजबूर किया गया था। इस तरह से रूस ने भारत के साथ दोस्ती की मिसाल देने का काम किया है।

 

 

कैसे भारतीयों को रूसी सेना में शामिल किया गया?

नई दिल्ली से तमिलनाडु तक फैले एक मानव तस्करी नेटवर्क ने जरूरतमंद लोगों को आकर्षक नौकरियों और प्राइवेट यूनिवर्सिटी में एडमिशन दिलाने के लालच में रूस भेजने का प्लान बनाया। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के जरिए अपने शिकार ढूंढे। तस्करों ने लोगों को रूस भेज भी दिया। लेकिन वहां जाने के बाद उनसे उनका पासपोर्ट ले लिया गया और हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जाने लगी। जिसने भी इसका विरोध किया उन्हें प्रताड़ित किया गया। इसमें कम से कम 100 लोग फंस गए। जिसमें से अब 45 लोगों को आजाद कर दिया गया है और बाकी को भी लाने का प्रयास किया जा रहा है। यूक्रेने के खिलाफ जंग में 4 भारतीए मारे भी गए।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दिया था भरोसा

इस साल की शुरुआत में एक वायरल वीडियो में दिखाया गया था कि जिसमें पंजाब और हरियाणा के रहने वाले युवकों ने सेना की वर्दी पहनी हुई थी। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें धोखे से यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ने के लिए भेज दिया गया है। इस मामले पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि किसी भी भारतीय को संघर्ष क्षेत्र में ले जाया जाए और उनसे सेना के लिए काम कराया जाए। ये स्वीकार नहीं है। हमें लोगों को जरूर भारत लेकर आएंगे।

 

 

ये भी पढ़ें: भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में रोड़ा बनी ये मछली, कीमत 2000 रु. किलो

PREV

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

कौन हैं संजय महार? IRGC की कार्रवाई में फंसा भारतीय मर्चेंट नेवी अफसर
Microsoft Buyout Plan: 8,500 कर्मचारियों वाली Exit Scheme के लिए कौन है योग्य? जानें शर्तें