अमेरिका की आबादी का 1 फीसदी हैं भारतीय मूल के लोग, देते हैं 6 फीसदी टैक्स

Published : Jan 15, 2023, 09:30 AM ISTUpdated : Jan 15, 2023, 09:47 AM IST
अमेरिका की आबादी का 1 फीसदी हैं भारतीय मूल के लोग, देते हैं 6 फीसदी टैक्स

सार

अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य मैककॉर्मिक ने अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारतीय अमेरिकी आबादी का एक फीसदी है, लेकिन वे कुल टैक्स में 6 फीसदी योगदान देते हैं।   

वाशिंगटन। अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की संख्या आबादी का एक प्रतिशत है। इसके बाद भी भारतीय अमेरिकी लोग अमेरिका के कुल टैक्स में 6 फीसदी योगदान देते हैं। अमेरिकी कांग्रेस के रिपब्लिकन सांसद मैककॉर्मिक ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि भारतीय अमेरिकी समुदाय के लोग कानूनों का पालन करते हैं और इनके चलते किसी प्रकार की समस्या नहीं होती। 

कांग्रेस (अमेरिका के संसद) के हाउस फ्लोर पर अपने पहले भाषण में 54 साल के मैककॉर्मिक ने कहा कि अमेरिका के हर पांच में से एक डॉक्टर भारत से है। उन्होंने भारतीय अमेरिकियों को महान देशभक्त, ईमानदार नागरिक और अच्छा दोस्त बताया। मैककॉर्मिक ने कहा, "वे (भारतीय मूल के लोग) अमेरिकी समाज का लगभग एक प्रतिशत हैं, लेकिन वे लगभग छह प्रतिशत टैक्स देते हैं। वे शीर्ष उत्पादकों में से हैं। वे समस्याएं पैदा नहीं करते हैं। वे कानूनों का पालन करते हैं।" 

तेज की जानी चाहिए इमिग्रेशन की प्रक्रिया
पेशे से डॉक्टर रिपब्लिकन सांसद मैककॉर्मिक जॉर्जिया के 6वें कांग्रेसनल जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने 8 नवंबर 2022 के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के बॉब क्रिश्चियन को हराया था। मैककॉर्मिक ने कहा, "उन्हें (भारतीय-अमेरिकियों) वो समस्या नहीं है जो हम अन्य लोगों में देखते हैं। भारतीय मूल के लोग परिवार के प्रति समर्पित होते हैं। जॉर्जिया में करीब एक लाख भारतीय हैं। वे देशभक्त होते हैं। ऐसे लोगों के लिए इमिग्रेशन की प्रक्रिया तेज और व्यवस्थित की जानी चाहिए।"

पीयूष गोयल ने किया था आग्रह
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन से बिजनेस वीजा जारी करने की प्रक्रिया तेज करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि इससे कारोबारी हितों के लिए भारत के लोगों को अमेरिका आने में सुविधा होगी। छात्रों और अन्य प्रोफेशनल्स को भी वीसा जल्द जारी की जानी चाहिए।

PREV

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

चीन और अमेरिका में वैज्ञानिकों की मौतों ने बढ़ाई चिंता, क्या शुरू हो चुका है ‘Scientific Cold War’?
'इस्लामाबाद में अमेरिका से बातचीत एक रणनीतिक गलती': ईरानी सांसद की तल्ख टिप्पणी-बताई वजह