जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में गिरी ड्रैगन की 5 मिसाइलें, पीएम किशिदा बोले- चीन तत्काल बंद करे सैन्य अभ्यास

Published : Aug 05, 2022, 12:20 PM ISTUpdated : Aug 05, 2022, 12:29 PM IST
जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में गिरी ड्रैगन की 5 मिसाइलें, पीएम किशिदा बोले- चीन तत्काल बंद करे सैन्य अभ्यास

सार

चीन की सेना द्वारा दागी गई पांच मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में गिरी हैं। चार मिसाइलों को ताइवान के मुख्य द्वीप के ऊपर से उड़ाया गया। जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने चीन से तत्काल सैन्य अभ्यास रद्द करने की मांग की है।

टोक्यो। अमेरिकी सदन की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा से बौखलाया चीन ताइवान को घेरकर सैन्य अभ्यास कर रहा है। उसने कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने शुक्रवार को चीन के सैन्य अभ्यास की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर समस्या है जो हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और हमारे नागरिकों की सुरक्षा को प्रभावित करती है।

दरअसल, चीन द्वारा दागी गई पांच मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में गिरी हैं। चार मिसाइलों को ताइवान के मुख्य द्वीप के ऊपर से उड़ाया गया। फुमियो किशिदा ने अमेरिकी सदन की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी से नाश्ते के लिए मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि इस बार चीन की कार्रवाइयों का हमारे क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शांति और स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। किशिदा ने कहा, "मैंने नैन्सी पेलोसी को बताया है कि हमने चीन से तत्काल सैन्य अभ्यास रद्द करने का आह्वान किया है।" 

किशिदा ने कहा कि उन्होंने और पेलोसी ने उत्तर कोरिया, चीन और रूस से संबंधित मामलों के साथ-साथ परमाणु मुक्त दुनिया की दिशा में प्रयासों सहित भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। गुरुवार से शुरू हुए सैन्य अभ्यास को लेकर टोक्यो ने बीजिंग के साथ राजनयिक विरोध दर्ज कराया है।

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चीन की धमकियों को धता बता ताइवान गईं थी पेलोसी
पेलोसी एशियाई देशों के दौरे के अंतिम चरण में टोक्यो पहुंची। सबसे पहले वह ताइवान गईं थी, जिससे बीजिंग नाराज है। इसके जवाब में चीन ने ताइवान को घेरकर अपना सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया है। पेलोसी ने चीन की धमकियों को धता बताते हुए ताइवान का दौरा किया और कहा कि उनकी यात्रा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका अपने लोकतांत्रिक सहयोगी का साथ नहीं छोड़ेगा। दूसरी ओर चीन ताइवान को अपने क्षेत्र के हिस्से के रूप में देखता है और यदि आवश्यक हो तो बल प्रयोग द्वारा एक दिन द्वीप को फिर से अपने कब्जे में लेने की कसम खाई है।

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