भारत में आज शुक्रवार (19 अप्रैल) को लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण का मतदान हो रहा है। इस मौके पर देश भर के लोग अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट देकर जीत दिलाने चाहते हैं।
भारत में कई सालों से बैलेट पेपर की मदद से चुनाव कराये जाते रहे हैं, लेकिन ये प्रक्रिया बहुत महंगी, धीमी, अपारदर्शी थी। इसलिए भारत के चुनाव आयोग ने Electronic Voting Machine (EVM) पर स्विच करने का फैसला किया।
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EVM का पहली बार इस्तेमाल
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का इस्तेमाल पहली बार 1982 में केरल के 'पारुर विधानसभा चुनावों में किया गया था।
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EVM का पहला यूज केरल में
भारत में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का इस्तेमाल 1999 के लोकसभा चुनावों में सीमित निर्वाचन क्षेत्रों में किया गया था, जबकि लोकसभा चुनाव-2004 के बाद EVM का इस्तेमाल लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों में व्यापक रूप से किया जाता है।
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भारत के अलावा कई ऐसे देश
भारत के अलावा कई ऐसे देश है, जो आज के वक्त EVM का इस्तेमाल वोट करने के लिए करते हैं। ऐसे कुछ देशों को भारत ने जॉर्डन, मालदीव, नामीबिया, मिस्र, भूटान और नेपाल को EVM से संबंधित तकनीकी सहायता दी है।
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भारत में बनी EVM का उपयोग
भूटान, नेपाल और नामीबिया भारत में बनी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का उपयोग कर रहे हैं।
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EVM का उपयोग कर रहे कई देश
EVM का उपयोग ब्राजील, भारत और फिलीपींस सहित दुनिया के कुछ सबसे बड़े लोकतंत्रों में किया जाता है। इनमें बेल्जियम, एस्टोनिया, वेनेजुएला, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, मालदीव, नामीबिया, मिस्र,भूटान और नेपाल है।
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EVM में अधिकतम 2,000 वोट दर्ज किए जा सकते हैं
भारत में उपयोग की जाने वाली EVM में अधिकतम 2,000 वोट दर्ज किए जा सकते हैं। इन EVM को चुनाव आयोग की तकनीकी विशेषज्ञ समिति (TEC) ने दो सार्वजनिक उपक्रमों, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, बैंगलोर और इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, हैदराबाद के सहयोग से डिजाइन किया है।
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