मुईज्जू ने ऐलान किया है कि देश की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। कर्ज की वजह से देश में नई विकास परियोजना शुरू नहीं सकती हैं।
Maldives President Mohamed Muizzu on Debt: मालदीव गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। राष्ट्रपति मोहम्मद मुईज्जू ने ऐलान किया है कि देश की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। कर्ज की वजह से देश में नई विकास परियोजना शुरू नहीं सकती हैं। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति पर वह देश की जनता को गुमराह नहीं करना चाहते हैं। मुइज्जू ने कहा कि यह स्थितियां उनको विरासत में मिली है।
दरअसल, नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद देश में नई परियोजनाओं व रूकी हुई परियोजनाओं को शुरू करने का दबाव बढ़ रहा था। बढ़ते दबाव के बाद राष्ट्रपति मुइज्जू ने साफ-साफ कहा कि देश के आर्थिक हालात ठीक नहीं है। कर्ज बढ़ता जा रहा है। बढ़ते कर्ज की वजह से नई परियोजनाओं को शुरू करने का फैसला फिलहाल टाल दिया गया है। मुइज्जू ने कहा कि अगले दो महीने सबसे कठिन होंगे। यह सबसे महत्वपूर्ण समय है। जुलाई के बाद स्थितियां संभल सकती हैं। मुइज्जू ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति पटरी पर लाने और आय अर्जित करने के लिए आवश्यक काम अभी से शुरू करने जा रहे हैं।
मालदीव का बढ़ रहा कर्ज
मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा कि न केवल सरकारी लोन बल्कि राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों की उधारी भी काफी अधिक है। सतत विकास के लिए सबसे पहले देश के कर्ज को कम करना होगा। नई विकास परियोजनाओं या रुकी परियोजनाओं को कर्ज से शुरू करने की बजाय उनको आय अर्जित करने का साधन विकसित करने के बाद शुरू किया जाएगा। पुराने ढर्रे पर चलने से देश को नुकसान होगा। अगर मैं वास्तविकता पर विचार किए बिना अतीत की सामान्य शैली में आधारशिला रखता हूं तो यह कुछ ऐसा नहीं होगा जो परिणाम दे सके क्योंकि आगे चुनाव है।
उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को पूरा करने में कठिनाइयां थीं, जबकि हम कर्ज का प्रबंधन करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं और अधिक विकास परियोजनाएं चलाना चाहता हूं लेकिन यही कारण है कि हम सभी रुकी हुई परियोजनाओं को शुरू नहीं कर सकते और सभी द्वीपों में एक साथ नई परियोजनाएं शुरू नहीं कर सकते।
ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) की एक रिपोर्ट के अनुसार, चाइना डेवलपमेंट बैंक, इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना और एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ चाइना के पास मालदीव के ऋण का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। विश्व बैंक ने कहा था कि बढ़ती बाहरी और राजकोषीय कमजोरियां मालदीव की अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम पैदा कर रही हैं, खासकर अगर मालदीव उच्च लागत पर उधार लेना जारी रखता है। वर्ल्ड बैंक ने कहा कि 2026 तक 5.4 अरब डॉलर की मालदीव की अर्थव्यवस्था को रिकॉर्ड 1.07 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज चुकाना होगा।
यह भी पढ़ें:
भारतीय टूरिस्टों के लिए ईरान में वीजा फ्री एंट्री लेकिन पूरी करनी होगी कुछ शर्तें…