यूक्रेन को जीतने के लिए रूस ने उतारे विदेशी लड़ाके, सीरिया के युवाओं को युद्ध के लिए किया जा रहा है तैयार

Published : Mar 08, 2022, 06:49 AM IST
यूक्रेन को जीतने के लिए रूस ने उतारे विदेशी लड़ाके, सीरिया के युवाओं को युद्ध के लिए किया जा रहा है तैयार

सार

वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि रूस ने हाल के दिनों में सीरिया से लड़ाकों की भर्ती की है। एक अधिकारी ने बताया कि कुछ लड़ाके पहले से ही रूस में यूक्रेन में लड़ाई में शामिल होने के लिए तैयार हैं, हालांकि यह स्पष्ट नहीं कि कितने लड़ाकों की भर्ती की गई है।

वाशिंगटन। यूक्रेन में लड़ने के लिए रूस विदेशी लड़ाकों की भर्तियों कर रहा है। पेंटागन की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस, सीरिया व अन्य विदेशी लड़ाकों को भर्ती कर रहा है। आने वाले दिनों में यूक्रेन के खिलाफ वह हमले तेज कर सकता है। दरअसल, मास्को साल 2015 से राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन में सरकार की ओर से सीरियाई गृहयुद्ध में शामिल है। यहां करीब एक दशक से अधिक समय से यहां संघर्ष चल रहा है। बताया जा रहा है कि रूस, सीरिया के लड़ाकों को अब यूक्रेन में लगाना चाहता है।

सीरिया में चल रही भर्ती 

वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि रूस ने हाल के दिनों में सीरिया से लड़ाकों की भर्ती की है। वह इन लड़ाकों की मदद से यूक्रेन पर कब्जे की कोशिश करेगा। बीते 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था। एक अधिकारी ने बताया कि कुछ लड़ाके पहले से ही रूस में यूक्रेन में लड़ाई में शामिल होने के लिए तैयार हैं, हालांकि यह तुरंत स्पष्ट नहीं कि कितने लड़ाकों की भर्ती की गई है।

विदेशी लड़ाके रूसी सेना में पहले से ही शामिल

विदेशी लड़ाके पहले ही रूस की ओर से लड़ रहे हैं। पूर्व विद्रोही व क्रेमलिन के सहयोगी, चेचन्या के मजबूत नेता रमजान कादिरोव ने यूक्रेन पर हमले में चेचन सेनानियों के शामिल होने के वीडियो साझा करते हुए कहा है कि लड़ाई में कुछ चेचन सैनिक मारे गए थे। उधर, यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने दावा किया है कि लगभग 20,000 विदेशी लड़ाकों ने कीव की सेना में शामिल होने के लिए देश की यात्रा की है।

रूस लगातार आगे बढ़ रहा

राजधानी और दूसरा सबसे बड़ा शहर खार्किव अभी भी यूक्रेन की सरकार के कब्जे में है, जबकि रूस ने खेरसॉन के बंदरगाह शहर को जब्त कर लिया है और देश भर में शहरी केंद्रों की गोलाबारी तेज कर दी है। रूस के लगभग दो सप्ताह पुराने हमले में 1.5 मिलियन से अधिक लोग देश से भाग गए हैं, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से यूरोप का सबसे तेजी से बढ़ता शरणार्थी संकट कहा है।

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