दो दिन में बदले ट्रंप के तेवर, बोले- भारत ने दवाई की सप्लाई को मंजूरी नहीं दी तो देंगे करारा जवाब

Published : Apr 07, 2020, 09:16 AM ISTUpdated : Apr 07, 2020, 11:06 AM IST
दो दिन में बदले ट्रंप के तेवर, बोले- भारत ने दवाई की सप्लाई को मंजूरी नहीं दी तो देंगे करारा जवाब

सार

अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर भारत ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा के निर्यात पर से प्रतिबंध नहीं हटाया तो वह जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं। इससे पहले ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस दवा के लिए गुहार लगाई थी।

वाशिंगटन. कोरोना के कहर से दो-दो हाथ कर रहे अमेरिका ने भारत को धमकी दी है। अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर भारत ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा के निर्यात पर से प्रतिबंध नहीं हटाया तो वह जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं। हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का इस्‍तेमाल कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज में किया जा रहा है। इससे पहले ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस दवा के लिए गुहार लगाई थी।

निश्चित रूप से जवाबी कार्रवाई हो सकती है

ट्रंप ने कहा कि पीएम मोदी के साथ हालिया फोन कॉल के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह इस दवा को अमेरिका को देने पर विचार करेंगे। ट्रंप ने कहा, 'मुझे इस बात पर आश्‍चर्य नहीं होगा कि यह फैसला उन्‍हें मुझे बताना होगा जो हमने रविवार सुबह हमने बातचीत की थी। मैंने उनसे कहा था कि हम आपके दवा को देने के फैसले की सराहना करेंगे। यदि वह दवा को अमेर‍िका को देने की अनुमति नहीं देते हैं तो ठीक है लेकिन निश्चित रूप से जवाबी कार्रवाई हो सकती है और क्‍यों ऐसा नहीं होना चाहिए?'

व्‍हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ बहुत अच्‍छा व्‍यवहार किया है और मैं समझता हूं कि इस बात के कोई कारण नहीं हैं कि भारत अमेरिकी दवा के ऑर्डर पर से बैन नहीं हटाएगा। ट्रंप ने कहा, 'मैंने यह नहीं कहीं सुना कि यह उनका (पीएम मोदी) का फैसला था। मैं जानता हूं कि उन्‍होंने इस दवा को अन्‍य देशों के निर्यात के लिए रोक लगाई है। मैंने उनसे कल बात की थी। हमारी बातचीत बहुत अच्‍छी रही। भारत ने अमेरिका के साथ बहुत अच्‍छा व्‍यवहार किया है।'

दो दिन में बदले ट्रंप के तेवर 

कोरोना वायरस के संक्रमण से जुझ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति ने दो दिन पहले भारत से बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने भारत से मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ने में मददगार हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन की दवा उपलब्ध कराने की मांग की थी। जिसके बाद भारत ने अमेरिका को दवा उपलब्ध कराने की बात कही थी। लेकिन दो दिन में प्रतिबंध न हटाए जाने के बाद ट्रंप के तेवर बदल गए। 

अमेरिका में अब तक 10 हजार लोगों की मौत

दुनिया का सबसे ताकतवर देश अमेरिका भी कोरोना के आगे घुटने टेक दिया है। अमेरिका में कोराना के संक्रमण से 10 हजार 871 लोगों की मौत हो गई है। जबकि संक्रमण के शिकार मरीजों की संख्या 3 लाख 67 हजार हो गई है। 

क्या है हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन?

भारत में हर साल बड़ी संख्या में लोग मलेरिया की चपेट में आते हैं, इसलिए भारतीय दवा कंपनियां बड़े स्तर पर उत्पादन करती हैं। ये दवा एंटी मलेरिया ड्रग क्लोरोक्वीन से थोड़ी अलग दवा है। यह एक टेबलेट है, जिसका उपयोग ऑटोइम्यून रोगों जैसे कि संधिशोथ के इलाज में किया जाता है, लेकिन इसे कोरोना से बचाव में इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है। 

अब यह दवा कोरोना वायरस से लड़ने में कारगर सिद्ध हो रही है, तब इसकी मांग और बढ़ गई है। इस दवा का खास असर सार्स-सीओवी-2 पर पड़ता है। यह वही वायरस है जो कोविड-2 का कारण बनता है। और यही कारण है कि हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन के टेबलेट्स कोरोना वायरस के मरीजों को दिए जा रहे हैं। 

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