200 सांपों ने डसा-फिर भी जिंदा है विषपुरुष, इनके खून से बना सांप के जहर की दवा

Published : May 06, 2025, 04:16 PM IST
200 सांपों ने डसा-फिर भी जिंदा है विषपुरुष, इनके खून से बना सांप के जहर की दवा

सार

कैलिफ़ोर्निया के टिम फ्राइड को 200 से ज़्यादा सांप काट चुके हैं, पर वो ज़िंदा हैं। उनके खून से सांप के ज़हर की दवा भी बन गई है।

पुराने ज़माने में राजा-महाराजा विषकन्याएँ तैयार करवाते थे। छोटी उम्र से ही उन्हें ज़हर की थोड़ी-थोड़ी मात्रा देकर उनके शरीर को ज़हर के आदी बनाया जाता था। फिर बड़ी होने पर उन्हें दुश्मनों से निपटने के लिए इस्तेमाल किया जाता था, ऐसी कहानियाँ आपने सुनी होंगी। लेकिन आज हम बात कर रहे हैं एक विष पुरुष की। इसे किसी ने ज़हर नहीं खिलाया, लेकिन इसे कोई भी सांप काट ले, ये मरता नहीं। अब तक इसे 200 से ज़्यादा सांप काट चुके हैं, पर जान पर कोई आँच नहीं आई। कौन है ये विषकंठ, आइए जानते हैं।

इस शख्स का नाम है टिम फ्राइड। 57 साल के ये अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया के रहने वाले हैं। इन्होंने 20 सालों तक जानबूझकर 200 से ज़्यादा ज़हरीले सांपों से खुद को कटवाया है। इतना ही नहीं, उन्होंने सांपों का ज़हर इंजेक्शन के ज़रिए भी अपने शरीर में डलवाया है। नतीजा ये हुआ कि इनका शरीर अब किसी भी सांप के ज़हर को बिना नुकसान पहुँचाए पचा लेता है। हैरानी की बात तो ये है कि इनके खून से वैज्ञानिकों ने ज़हर से लड़ने वाली दवा भी बना ली है।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, टिम फ्राइड के खून में 19 से ज़्यादा तरह के सांपों के ज़हर के खिलाफ एंटीबॉडीज़ हैं। यानी 19 अलग-अलग तरह के सांप इन्हें काट लें, तो भी ये बच जाएँगे। खुद एक ज़हर विशेषज्ञ, टिम फ्राइड ने 2001 में ये अजीबोगरीब रिसर्च शुरू की थी। सांपों से बचने का कोई नया तरीका ढूँढ़ने के लिए उन्होंने हर ज़हरीले सांप से खुद को कटवाना शुरू कर दिया। उन्हें उम्मीद थी कि एक दिन वो सांप के ज़हर का इलाज ढूँढ़ लेंगे। अब उनकी ये लंबी रिसर्च कामयाब रही है और वो किसी भी ज़हरीले सांप के काटने से सुरक्षित हैं।

अब उनके खून से सांप के काटे का इलाज बनाने की रिसर्च में एक बड़ी कामयाबी मिली है। 2017 में, रोग प्रतिरोधक दवाओं के विशेषज्ञ जैकब ग्लैनबिल ने फ्राइड टिम की खोज के बारे में सुना और उस पर काम करने का फैसला किया। जैकब ने टिम से खून का सैंपल माँगा। टिम फ्राइड ने कहा कि वो इसी दिन का इंतज़ार कर रहे थे। फिर वैज्ञानिकों ने टिम के खून से ज़हर-रोधी दवा बनाई, जो 19 तरह के ज़हरीले सांपों से बचा सकती है।

हालांकि, इस दवा का इंसानों पर अभी तक परीक्षण नहीं हुआ है। लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि ये पुराने तरीके से बनाई गई दवाओं से बेहतर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, हर साल हज़ारों लोग ज़हरीले सांपों के काटने से मर जाते हैं और कई लोग हमेशा के लिए अपंग हो जाते हैं।

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