United Kingdom Protest: क्या है ब्रिटेन का प्रवासी विरोधी आंदोलन, क्यों सड़कों पर उतरे 1.5 लाख लोग

Published : Sep 14, 2025, 07:15 PM IST
Anti immigration protest

सार

लंदन की सड़कों पर शनिवार को प्रवासियों के विरोध में जमकर प्रदर्शन हुए। इस दौरान 1 से डेढ़ लाख लोगों की भीड़ 'यूनाइट द किंगडम' के बैनर तले टेम्स नदी को पार कर बिग बेन के पास से मार्च शुरू किया। इसे रोकने के प्रयास में 26 अधिकारी घायल हुए हैं। 

United Kindgdom Protest: ब्रिटेन की राजधानी लंदन में शनिवार को 1 लाख से ज्यादा लोगों ने प्रवासी विरोधी मार्च निकाला। 'यूनाइट द किंगडम' के बैनर तले निकाले गए इस प्रोटेस्ट मार्च को प्रवासियों और इस्लाम विरोधी छवि वाले कट्टर राइटविंगर लीडर टॉमी रॉबिन्सन ने आयोजित किया। इसे ब्रिटेन में अब तक का सबसे बड़ा आंदोलन भी माना जा रहा है, जिसमें करीब 1.50 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए।

क्या है यूनाइटेड द किंगडम मार्च?

दक्षिणपंथी कार्यकर्ता टॉमी रॉबिन्सन ने ब्रिटेन में प्रवासी लोगों और तेजी से बढ़ते कट्टरवादी इस्लामिक लोगों के खिलाफ 'यूनाइट द किंगडम' मार्च ऑर्गेनाइज किया। इस प्रोटेस्ट में प्रदर्शनकारियों ने यूनाइटेड किंगडम और इंग्लैंड के झंडे लहराते हुए वॉइटहॉल की ओर मार्च किया, जहां प्राइम मिनिस्टर ऑफिर और दूसरे सरकारी डिपार्टमेंट स्थित हैं। भीड़ में कुछ लोगों ने अमेरिका और इजरायल के झंडे भी लहराए। एक शख्स अमेरिका के राइट विंगर लीडर चार्ली किर्क की तस्वीर लिए भी दिखा, जिनकी बीते बुधवार को अमेरिका में गोली मारकर हत्या कर दी गई।

ये भी देखें : Anti-Immigration Protest: सेंट्रल लंदन में 1 लाख से ज्यादा लोगों ने किया प्रदर्शन

फ्रीडम ऑफ स्पीच का सेलिब्रेशन

"यूनाइट द किंगडम" के बैनर तले हुए इस प्रोटेस्ट में हजारों प्रदर्शनकारियों ने टेम्स नदी पार की और बिग बेन के पास से यूनियन जैक और इंग्लिश व स्कॉटिश झंडे लेकर मार्च किया। प्रोटेस्टर्स ने ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर की आलोचना करते हुए प्रवासियों के विरोध में 'उन्हें घर भेजो' जैसे नारे लगाए। वहीं, टॉमी रॉबिन्सन ने इस मार्च को फ्रीडम ऑफ स्पीच एंड एक्सप्रेशन का सेलिब्रेशन बताया। उन्होंने कहा, इसे ब्रिटिश संस्कृति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के रूप में प्रचारित किया।

26 अधिकारी घायल, पुलिस ने 25 लोगों को किया गिरफ्तार

भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान भड़की हिंसा के बाद 26 अधिकारी घायल हो गए, जिनमें से 4 गंभीर रूप से जखमी हैं। भीड़ में शामिल कुछ प्रदर्शनकारियों ने जबर्दस्ती उन इलाकों में घुसने की कोशिश की, जहां जाने की मनाही थी। इस पर भीड़ ने अधिकारियों पर लात-घूंसों, बोतलों और अन्य हथियारों से हमला किया। पुलिस ने इस मामले में अब तक 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। एक्स पर एक पोस्ट में लंदन पुलिस ने कहा- 'यूनाइट द किंगडम' विरोध प्रदर्शन में इतनी भीड़ थी कि व्हाइट हॉल में समा पाना मुश्किल था। प्रदर्शनकारियों ने कई दिशाओं से व्हाइट हॉल में पहुंचने की कोशिश की। जब अधिकारी उन्हें रोकने के लिए आगे बढ़े, तो भीड़ ने उन पर हमला किर दिया।

पुलिस के अनुमान से कहीं ज्यादा भीड़ पहुंची

पुलिस ने अनुमान लगाया था कि भीड़ 1 से 1.5 लाख के बीच होगी, जो कि अनुमान से कहीं ज़्यादा थी। ड्यूटी पर तैनात 1,000 से ज़्यादा अधिकारियों की मदद के लिए हेलमेट और दंगारोधी ढालों से लैस सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। X पर एक पोस्ट में रॉबिन्सन ने दावा किया कि मध्य लंदन में हुई रैली में 30 लाख से ज़्यादा देशभक्तों ने देशभक्ति की एक अभूतपूर्व मिसाल पेश की।

क्यों हो रहा विरोध?

"यूनाइट द किंगडम" रैली प्रवासी नागरिकों के विरोध और राष्ट्रीय पहचान पर केंद्रित थी। रॉबिन्सन के अलावा कुछ और-दक्षिणपंथी नेताओं ने प्रवासियों के अधिकारों और ब्रिटेन में अनियंत्रित रूप से बढ़ रही प्रवासी भीड़ को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं। वहीं, एलन मस्क ने वीडियो के माध्यम से प्रवासियों की समस्या से निपटने के ब्रिटिश सरकार के तरीके की आलोचना की।

कौन हैं टॉमी रॉबिन्सन?

टॉमी रॉबिन्सन का असली नाम स्टीफन याक्सली-लेनन है। उन्होंने इंग्लिश डिफेंस लीग की स्थापना की और ब्रिटेन के दक्षिणपंथी लोगों में प्रमुख शख्सियत हैं। वे खुद को सरकारी तंत्र में फैले भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाला जर्नलिस्ट भी कहते हैं। रॉबिन्सन ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, अब प्रवासियों के पास अदालत में "ब्रिटिश जनता, इस राष्ट्र की निर्माता" से ज्यादा अधिकार हैं।

ये भी पढ़ें : लंदन में एंटी इमिग्रेशन विरोध प्रदर्शन, सड़क पर जुटे 1 लाख से ज्यादा लोग, पुलिस अधिकारियों को पीटा

PREV

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

How Sergio Gor revived Trump-Modi ties, restored momentum: Al Mason
Operation Amistad: India boosts aid to quake-hit Venezuela as toll rises