कार रिपेयरिंग कंपनी के को-फाउंडर अमित भसीन ने कहा कि यह फैसला काफी दर्दभरा है। उन्होंने माना कि कंपनी की फाइनेंशियल रिपोर्ट में भारी गड़बड़ी हुई है। कंपनी फंड जुटाने में भी अभी तक असफल है। इसलिए यह फैसला लिया है।

टेक डेस्क : आईटी सेक्टर के बाद अब ऑटोमोबाइल सेक्टर (Automobiles Sector) में बड़ी छंटनी हुई है। कार रिपेयरिंग कंपनी गो मैकेनिक (GoMechanic) ने एक झटके में अपने 70% कर्मचारियों को बाहर निकालने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फंड्स न मिल पाने और अकाउंट्स से जुड़ी समस्याओं की वजह से कंपनी ने यह फैसला लिया है। कंपनी के सह-संस्थापक अमित भसीन ने बुधवार को एक लिंक्डइन पोस्ट में कहा कि 'हमने हर कीमत पर विकास ही चाहा है। कंपनी ने अपने फंड्स की समस्या के सामाधान के लिए यह फैसला लिया है।' 

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कंपनी में फंड्स की कमी
गो-मैकेनिक का हेड ऑफिस गुड़गांव में है। इस स्टार्टअप की शुरुआत साल 2016 में हुई थी। कंपनी का उद्देश्य कार रिपेयरिंग सुविधाओं को और भी आसान बनाना था। पिछले कुछ दिनों में कंपनी की कई निवेशकों के साथ चर्चा चल रही है लेकिन फंड्स को लेकर बात नहीं बन पा रही है। पिछले साल भी यह खबर थी कि कंपनी एक बिलियन डॉलर के वैल्युएशन पर फंड्स पाने के लिए टाइगर ग्लोबल के नेतृत्व में इनवेस्टर्स से बातचीत कर रही है।

70% कर्मचारियों की होगी छुट्टी
कंपनी के सह-संस्थापक अमित भसीन ने कहा कि हम इस कठिन समय की जिम्मेदारी लेते हैं। हम बिजनेस को फिर से सही लेवल पर पहुंचाना चाहते हैं। यही कारण है कि इतना कठिन और दर्दभरा फैसला लेने के लिए मजबूर हैं। करीब 70 प्रतिशत कर्मचारियों को कंपनी से बाहर जाना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि एक थर्ड पार्टी फर्म बिजनेस का ऑडिट कर रही है। गो-मैकेनिक इस कठिन परिस्थिति से निकलने का प्लान बना रही है।

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