दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक भारत की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो में 10% की हिस्सेदारी खरीदना चाहती है

बिजनेस डेस्क: दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक भारत की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो में 10% की हिस्सेदारी खरीदना चाहती है। रिपोर्ट्स की मानें तो ये सौदा जल्द ही हो सकता है। बिलियन डॉलर की संभावित इस डील में फिलहाल कोरोना वायरस संकट के चलते रुकावट आ रही है। 

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बर्नस्टेन के विश्लेषकों ने कहा है कि जियो की मार्केट वैल्यू करीब 60 बिलियन डॉलर यानी करीब 5,000 करोड़ के आसपास है। ऐसे में जियो में फेसबुक की 10 फीसदी हिस्सेदारी 6 बिलियन डॉलर यानी 500 करोड़ से 600 करोड़ के बीच होगी, हालांकि जियो ने इस डील के बारे में अभी तक आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।

गूगल से भी चल रही है बातचीत 

लंदन के अखबार फाइनेंशियल टाइम्स में छपे एक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्क जकरबर्ग के नेतृत्व वाली कंपनी फेसबुक जल्दी ही मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले जियो में 10 फीसदी हिस्सेदारी के लिए एक प्रारंभिक समझौता कर सकती है रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक के अलावा कंपनी की गूगल से भी बातचीत चल रही है। 

रिलायंस अपना कर्ज उतारना चाहता है

इंस्टाग्राम और वॉट्सएप का मालिकाना हक रखने वाली कंपनी फेसबुक से डील के जरिए रिलायंस अपना कर्ज उतारना चाहता है। दरअसल जियो की पैरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मुखिया मुकेश अंबानी ग्रुप के ज्यादातर कारोबार में विदेशी साझीदारों को शामिल करना चाहते हैं। कंपनी की रणनीति साझेदारी के जरिए कर्ज को उतारने की है।

बता दें कि रिलायंस जियो 2015 में लॉन्च हुआ, और 2016 में इसका संचालन शुरू हुआ था। जियो ने तीन सालों में ही 37 करोड़ ग्राहकों की संख्या पार कर ली थी और इसी के साथ जियो भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भी बन गई है।

डेढ़ सालों में पूरी तरह से कर्जमुक्त बनाने के प्लान

गौरतलब है कि बीते साल अगस्त में मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को अगले डेढ़ सालों में पूरी तरह से कर्जमुक्त बनाने के प्लान का ऐलान किया था। इसके लिए रिलायंस ने अपने तमाम कारोबारों की हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया है। इसी रणनीति के तहत कंपनी की सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको से बातचीत चल रही है।

रिलायंस सऊदी अरामको में 20% हिस्सेदारी बेचना चाहता है। इसके अलावा रिलायंस अपने पेट्रोल पंप के रिटेल सेक्टर में ब्रिटिश पेट्रोलियम को 49 फीसदी की हिस्सेदारी बेचने की डील लगभग फाइनल हो चुकी है।

(फाइल फोटो)